बाबरी विध्वंस की बरसी पर देश भर में सुरक्षा कड़ी (लीड-1)
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि पुलिस और अद्धसैनिक बलों को मंदिरों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और बाजारों में खास तौर से नजर रखने के लिए कहा गया है।
उन्होंने कहा, "अयोध्या मामले पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद जिस तरह का शांतिपूर्ण माहौल कायम रहा, उससे सरकार प्रोत्साहित है, लेकिन सरकार चाहती है कि छह दिसम्बर के दिन राज्य अपनी सुरक्षा में कोताही न बरतें।"
रपटों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के शहरों अयोध्या और फैजाबाद में उच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में पहले ही हाई अलर्ट घोषित किया हुआ है।
उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) बृजलाल लाल ने संवाददाताओं से कहा कि विवादित ढांचा विध्वंस की बरसी को लेकर फैजाबाद सहित सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों एवं सम्बंधित अधिकारियों को सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
संवेदनशील जिलों के पुलिस प्रशासन को खास सतर्क रहने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि संवेदनशील जिलों में 10 कम्पनी रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ), 20 कम्पनी एवं प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) तैनात की गई है। करीब 20 कंपनी पीएसी रिजर्व में रखी गई है।
वाराणसी, मथुरा, अलीगढ़, लखनऊ, बरेली, गोरखपुर, मुरादाबाद, मेरठ और कानपुर जैसे संवेदनशील शहरों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील माने जाने वाले राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान सहित दक्षिण के राज्यों मेंसुरक्षा के कड़े इंतेजाम किए गए हैं। जम्मू एवं कश्मीर को हाई अलर्ट की श्रेणी में रखा गया है।
अधिकारी ने बताया कि सांप्रदायिक हिंसा का इतिहास रखने वाले शहरों अहमदाबाद, सूरत, मुम्बई, भिवंडी, हैदराबाद, कोयम्बटूर, बेंगलुरू, और कोझिकोड़ के विद्रोही धार्मिक संगठनों पर खास तौर से नजर रखी जाएगी।
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने आईएएनएस को बताया, "राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था आम दिनों की तरह होगी, लेकिन हम महत्वपूर्ण स्थानों पर नजर रखेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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