बाबरी विध्वंस की बरसी पर उत्तर प्रदेश में सुरक्षा कड़ी
अयोध्या में स्थित 16वीं शताब्दी के इस विवादित ढांचे को गिराए जाने की बरसी छह दिसंबर को है। राज्य में ऐसे किसी भी कार्यक्रम को आयोजित करने प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे प्रदेश की कानून व्यवस्था बिगड़ने का अंदेशा हो।
प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) बृजलाल लाल ने संवाददाताओं से कहा कि विवादित ढांचा विध्वंस की बरसी को लेकर फैजाबाद सहित सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों एवं सम्बंधित अधिकारियों को सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
संवेदनशील जिलों के पुलिस प्रशासन को खास सतर्क रहने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि संवेदनशील जिलों में 10 कम्पनी रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ), 20 कम्पनी एवं प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) तैनात की गई है। करीब 20 कंपनी पीएसी रिजर्व में रखी गई है।
गौरतलब है कि कारसेवकों की एक भीड़ ने छह दिसंबर, 1992 को अयोध्या की बाबरी मस्जिद को गिरा दिया था। अयोध्या में जहां कथित हिंदू कट्टरपंथियों की तरफ से इस दिन विजय दिवस तो मुसलमानों की तरफ से शोक मनाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं।
फैजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आर.के.एस.राठौर ने रविवार को आईएएनएस को फोन पर बताया कि घर या धार्मिक स्थलों पर कोई कार्यक्रम आयोजित कर सकता है लेकिन सड़क पर किसी धार्मिक कार्यक्रम या प्रदशर्न की अनुमित कतई नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा, "हमारे लिए हमेशा की तरह यह संवेदनशील दिन है। इसलिए हम खास सतर्कता रखेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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