दालों का उत्पादन 1.65 करोड़ टन होने की उम्मीद: पवार
छठे एग्रीवाच ग्लोबल पल्सेज समिट में पवार ने कहा, "हमारे शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस साल हम अब तक के सबसे ज्यादा 1.65 करोड़ टन दालों के उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। इतने उत्पादन के चलते भारत की घरेलू जरूरत पूरी होगी और उम्मीद है कि भारत को दालों का आयात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।"
भारत विश्व में दालों का सबसे बड़ा उत्पादक और सबसे बड़ा आयातक है।
पवार ने कहा कि हालांकि उत्पादन बढ़ने से दालों का कारोबार करने वाले व्यापारियों को डरना नहीं चाहिए क्योंकि आने वाले 10 सालों में दालों की घरेलू मांग तीन करोड़ टन तक बढ़ने की उम्मीद है।
पवार ने कहा, "उत्पादन में वृद्धि के कारण व्यापारी समुदाय और खासकर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रतिनिधियों को चिंता की जरूरत नहीं है क्योंकि 1.65 करोड़ टन उत्पादन अगले एक दशक में अनुमानित 2.5 से 3 करोड़ टन प्रतिवर्ष की मांग की तुलना में काफी कम है।"
पवार ने कहा कि घरेलू मांग को पूरा करने के लिए सरकार को दालें उगाने के लिए निजी कम्पनियों को विदेशों में जमीनें खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
उन्होंने कहा, "सरकार के तौर पर हम दूसरे देशों में जमीन खरीदने में निवेश नहीं कर सकते। यदि निजी कम्पनियां रुचि दिखाती है तो मेरा मंत्रालय निश्चित रूप से सहयोग करेगा। हमारा उद्देश्य ज्यादा दालें उगाना, ज्यादा दालों का प्रबंधन करना और ज्यादा दालें बेचना है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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