युद्धपोत डिजाइन केंद्र से बढ़ेगी आत्मनिर्भरता
रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी लम्बे समय से सैन्य सामग्रियों के घरेलू उत्पादन पर जोर देते आ रहे हैं और यह उसी दिशा में एक कदम है।
केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (केएसआईडीसी) के प्रबंध निदेशक अल्केश कुमार शर्मा ने आईएएनएस को बताया, "इस केंद्र में युद्धपोत की डिजाइन तैयार की जाएगी और उसका एक नमूना तैयार किया जाएगा। नमूना पास हो जाने के बाद शिपयार्ड में पोत का निर्माण किया जाएगा।"
शर्मा ने कहा, "फिलहाल भारतीय नौसेना में लगभग 25 प्रतिशत पोत ही घरेलू स्तर पर निर्मित हैं। इस डिजाइन केंद्र के बाद नौसेना में घरेलू पोतों का प्रतिशत 75 तक पहुंच जाएगा।"
शर्मा ने कहा कि इस डिजाइन केंद्र की आधारशिला अगले महीने रखी जाएगी।
600 करोड़ रुपये लागत वाली यह परियोजना रक्षा मंत्रालय के अधीन स्थापित होगी। इसमें देश के तीन प्रमुख बंदरगाहों का पूरा सहयोग होगा। केरल उद्योग विभाग स्थानीय सहयोगी के रूप में भूमिका निभाएगा।
शर्मा ने कहा, "इस परियोजना में मझगांव डॉक लिमिटेड और गोवा शिपयार्ड कम्पनियों की बड़ी भूमिका है। इन कम्पनियों की इस परियोजना में साझेदारी है, केंद्र सरकार भी इसमें शामिल है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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