बिहार में जन्म के पहले महीने में मर जाते हैं 90000 शिशु
यहां एक वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन में मिश्र ने कहा, "बिहार में प्रत्येक वर्ष करीब 90,000 शिशुओं की मौत जन्म के पहले महीने में ही हो जाती है। इसका मतलब है कि हर महीने में करीब 250 नवजात मौत के गाल में समा जाते हैं। इनमें से अधिकतर को मरने से बचाया जा सकता है।"
उन्होंने कहा कि घरेलू, सामुदायिक और स्वास्थ्य सुविधाओं के स्तर में सुधार लाकर अधिकतर शिशुओं को मरने से रोका जा सकता है।
मुख्य स्वास्थ्य सचिव के अनुसार बाल स्वास्थ्य एवं कल्याण को लेकर काम करने वाले संयुक्त राष्ट्र के संगठन 'यूनीसेफ' और 'नेशनल नियोनाटोलॉजी फोरम' की मदद से राज्य सरकार सभी 38 जिलों में अगले तीन साल में शिशुओं की देखभाल के लिए 'समग्र शिशु देखरेख अभियान' (सीएनसीआई) शुरू की जाएगी।
मिश्र ने कहा, "सीएनसीआई हर स्तर से नवजात शिशुओं की देखभाल करेगा और इससे प्रत्येक वर्ष 6,000 शिशुओं को बचाया जा सकेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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