मप्र में विद्यालयों का ब्योरा दर्ज होगा 'डायस' में
भोपाल, 5 दिसम्बर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम का हाल जानने के लिए सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों का डाटा बेस तैयार किया जा रहा है। जिला शिक्षा सूचना केंद्र (डायस) के नाम से तैयार इस डाटा बेस से पल भर में किसी भी विद्यालय की जानकारी हासिल की जा सकेगी और उसकी मानीटरिंग हो सकेगी।
आधिकारिक तौर पर मिली जानकारी के अनुसार सरकारी, स्थानीय निकाय, गैर सरकारी, केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों का ब्योरा भी इस डाटा बेस में दर्ज रहेगा। निर्धारित समय सीमा में डायस के प्रपत्र में सम्बंधित अधिकारी को उपलब्ध कराना आवश्यक होगा, ऐसा न होने पर यह माना जाएगा कि सम्बंधित विद्यालय अधिनियमों के प्रावधानों का पालन नहीं कर रहा है। इसके बाद ही उसके खिलाफ नियम के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि अधिनियम के तहत छह से 14 वर्ष तक के हर बच्चे के नामांकन, नियमित उपस्थिति और प्रारम्भिक शिक्षा पूर्ण करने की नियमित मानीटरिंग की जिम्मेदारी राज्य सरकार व स्थानीय निकाय को सौंपी गई है। इसी के मद्देनजर राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने डायस बनाया है, जो विभाग के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके जरिये ही विद्यालयों पर नजर रखने के अलावा उनका मूल्याकन कर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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