पराबैंगनी किरणों से त्वचा कैंसर का खतरा
आस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि हासिल करने वाले बेंजामिन बिर्ट ने यह पता लगाने में सफलता हासिल की है कि आंखों पर पड़कर परावर्तित होने वाली पैराबैंगनी किरणों के विकिरण से हमारी नाक के आसपास की त्वचा में कैंसर हो सकता है।
बिर्ट के मुताबिक हमारे चेहरों और गले पर भी पैराबैंगनी किरणों का विकिरण होता है लेकिन आंखों से लौटने के बाद नाक के किनारों पर पड़ने वाली किरणों से कैंसर का खतरा औसत से अधिक है।
बिर्ट का मानना है कि आंखों पर पड़कर लौटने वाली पैराबैंगनी किरणें मुख्य तौर पर हमारे नाक के किनारों और उस जगह पर ज्यादा प्रभाव डालती हैं, जो एक आंख को दूसरी से अलग करता है। इसे नोज-ब्रिज कहा जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications