शहरी विकास कोष का आवंटन राज्यों प्रदर्शन के आधार पर : मोंटेक
इस योजना के पांच साल पूरा करने के मौके पर योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि योजना में बताए गए सुधार के उपायों को लागू करने में राज्यों का प्रदर्शन उत्साहवर्धक नहीं है। भविष्य में कोष का आवंटन सुधार के उपायों के अनुपालन में उनके प्रदर्शन के आधार पर ही होगा।
उनका विचार था कि मेट्रो, सड़क और पुलों की परियोजना के लिए दी जाने वाली केंद्रीय सहायता को भी सुधार के इन उपायों से जोड़ दिया जाना चाहिए।
अहलूवालिया ने कहा कि इन योजना पर बढ़ती लागत को देखते हुए इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी आवश्यक हो गई है।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एस. जयपाल रेड्डी ने कहा कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत बताए गए सुधार के उपायों को तेजी से लागू किया जाना चाहिए। इस दिशा में काफी प्रगति हुई है, और भी बहुत कुछ किया जाना है।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत बेहतर पेयजल सुविधा जैसी कई मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने से गरीबों का काफी लाभ हुआ है।
उन्होंने बताया कि जेएनएनआरयूएम के तहत 527 परियोजनाओं के लिए केंद्र ने 11,859.63 करोड़ रुपये जारी किए हैं। वे सरकार से इसे और भी बढ़ाने का अनुरोध करेंगे।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने भी कार्यक्रम पर खर्च होने वाली विशाल राशि को देखते हुए राज्य सरकार और स्थानीय निकायों को निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति का प्रदर्शन करने की अपील की।
परियोजना के पांच साल पूरा करने के अवसर पर आयोजित दिन भर चले इस सम्मेलन में राज्यों के शहरी विकास मंत्री, कार्यक्रम वाले शहरों के मेयर, सभी नगर निगम आयुक्त तथा केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रमों और इसमें सुझाए सुधार के उपायों को सबसे अच्छी तरह से लागू करने वाले शहरों को पुरस्कार भी दिए गए।
जेएनएनआरयूएम को 3 दिसंबर 2005 को देश भर के 65 शहरों में शुरू किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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