जहर से हुई सरिस्का में बाघ की मौत : मंत्री
जाट ने कहा, "नर बाघ (एसटी-1)को आर्गनोफास्फोरस नामक कीटनाशक दवा दी गई थी जिससे उसकी मौत हुई।" फोरेंसिक जांच रिपोर्ट ने बाघ के शरीर में जहर होने की पुष्टि की है।
जाट ने आईएएनएस को बताया, "फोरेंसिक विशेषज्ञों ने बाघ के शरीर में कीटनाशक होने की पुष्टि की है।" यह रिपोर्ट गुरुवार को सरकार को भेज दी गई। उन्होंने कहा, "जांच चल रही है और दोषियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।"
उल्लेखनीय है कि एसटी-1 नामक बाघ उन पांच बाघों में से था जिसे रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान से सरिस्का भेजा गया था। बाघ की मौत के बाद सरिस्का में अन्य बाघों की सुरक्षा को लेकर चिंताए बढ़ गई हैं।
भारतीय वन्यजीव संस्थान की मार्च 2005 में आई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि सरस्किा में एक भी बाघ नहीं बचा है और इसके लिए बाघों के अवैध रूप से हो रहे शिकार को जिम्मेदार ठहराया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications