भोपाल मामले में दोगुना मुआवज़े की माँग

भोपाल मामले में दोगुना मुआवज़े की माँग

भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक सुधारात्मक या पुनरीक्षण याचिका दायर करते हुए अमरीकी कंपनी से भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को दी जाने वाली मुआवज़े की राशि दोगुना करने की अपील की है.

पहले मुआवज़े की राशि 47 करोड़ डॉलर थी लेकिन अब सरकार ने इसे 1.1 अरब डॉलर यानी क़रीब 5000 करोड़ रुपए करने की अपील की है.

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1984 में दो और तीन दिसंबर की रात यूनियन कार्बाइड के एक कारखाने से ज़हरीली गैस रिसने से हज़ारों लोगों की मौत हो गई थी और लाखों लोग प्रभावित हुए थे.

इस मामले में लाखों लोगों को मुआवज़ा बाँटा जा चुका है लेकिन पीड़ितों का कहना है कि वह पर्याप्त नहीं है.

इसे दुनिया के सबसे बड़े औद्योगिक हादसों मे से एक माना जाता है.

आमतौर पर पुनरीक्षण याचिका तब दायर की जाती है जब यह महसूस हो कि पुराने फ़ैसले में न्याय नहीं हुआ है.

शुक्रवार को सरकार की ओर से दायर की गई याचिका के बारे में यह स्पष्ट नहीं है कि इस पर सुनवाई कब होगी.

भोपाल गैस मामले में मुआवज़े का समझौता 1989 में हुआ था. इसके अनुसार यूनियन कार्बाइड ने 47 करोड़ डॉलर की राशि देना स्वीकार किया था.

लेकिन गत जून में जब भोपाल गैस त्रासदी मामले में अदालत ने आठ दोषियों को दो-दो साल की सज़ा सुनाई और एक-एक लाख का जु्र्माना भी लगाया गया था.

लेकिन सज़ा सुनाए जाने के कुछ मिनट बाद ही 25000 रुपए के मुचलके पर सात दोषियों को ज़मानत भी मिल गई थी.

इसके बाद भोपाल गैस त्रासदी को लेकर एक बार विवाद खड़ा हो गया था और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए.

विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार और सीबीआई की लापरवाही की वजह से इतनी कम सज़ा हुई और यूनियन कार्बाइड के प्रमुख वॉरेन एंडरसन को रिहा कर दिया गया.

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई ने सुधारात्मक याचिका दायर करके सभी सात भारतीय अभियुक्तों के ख़िलाफ़ केस को दोबारा खोलने अनुरोध किया था.

सीबीआई का कहना था कि इस केस में पीड़ितों को इंसाफ़ नहीं मिल पाया है इसलिए अभियुक्तों की सज़ा को बढ़ाना चाहिए.

इस मामले को दोबारा से खोलने का आदेश देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी अभियुक्तों के ख़िलाफ़ नोटिस जारी किया.

जिन सात अभियुक्तों के ख़िलाफ़ ये केस दोबारा खोला गया है वो हैं यूनियन कार्बाइड इंडिया के पूर्वाध्यक्ष केशब महिंद्रा, यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड के पूर्व प्रबंधन निदेशक विजय गोखले, पूर्व उपाध्यक्ष किशोर कामदार, पूर्व वर्क मैनेजर जे एम मुकुंद, पूर्व प्रोडक्शन मैनेजर एस पी चौधरी, पूर्व प्लांट सुपरिंटेंडेंट के वी शेट्टी और पूर्व प्रोडक्शन एसिस्टेंट एस आई क़ुरैशी.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+