अमेरिका में आध्यात्मिक गुरु श्री दया माता का निधन
किसी अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक आंदोलन का प्रमुख बनने वालीं श्री दया माता आधुनिक इतिहास की पहली महिला थीं।
दया माया ने 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी' के लेखक योगानंद द्वारा स्थापित 'सेल्फ रियलाइजेशन फेलोशिप/योगदा सत्संग सोसायटी ऑफ इंडिया' (एसआरएफ/वाईएसएस) की अध्यक्ष एवं संघमाता के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
सोसायटी की ओर से जारी बयान के मुताबिक अक्टूबर 1931 में दया माता 17 वर्ष की उम्र में लॉस एजेंलिस चली गईं और वहां 'सेल्फ रियलाइजेशन फेलोशिप मोनास्टिक आर्डर' में शामिल हो गईं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications