2जी स्पेक्ट्रम : न्यायालय ने राजा को लगाई फटकार (राउंडअप)

राजा ने न्यायालय को बताया कि उन्होंने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में अपने पूर्ववर्ती मंत्रियों का अनुसरण किया। इस पर न्यायालय ने उनकी प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में ठीक लहजे का इस्तेमाल न करने पर खिंचाई की।

'सेंटर फॉर पब्लिक इंटेरेस्ट लिटिगेशन' की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने राजा की खिंचाई की। न्यायालय ने कहा कि राजा ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में जिस आशय और लहजे का इस्तेमाल किया है, वह ठीक नहींे है।

राजा ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा था कि स्पेक्ट्रम आवंटन के प्रवेश शुल्क और कीमतों के निर्धारण में किसी तरह का बदलाव करना 'अनुचित, भेदभावपूर्ण और मनमाना' होगा।

न्यायालय ने राजा के अंग्रेजी भाषा के ज्ञान का हवाला देते हुए उनके वकील टी.आर. अंध्यारूजिना से पूछा कि क्या राजा अपने लहजे से प्रधानमंत्री के प्रति असम्मान प्रदर्शित नहीं कर रहे हैं।

पीठ ने उल्लेख किया, "सरकार किस तरह से कामकाज करती है, हमें इस बात का कोई अनुभव नहीं है, लेकिन उच्च न्यायालयों में थोड़े समय के अनुभव से हम जिम्मेदारी पूर्वक काम करते हैं।"

न्यायालय इस मामले की सुनवाई मंगलवार को करेगा।

उधर, न्यायालय ने टाटा समूह के अध्यक्ष रतन टाटा की उस याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया जिसमें उन्होंने व्यापारिक घरानों के लिए लॉबिंग करने वाली नीरा राडिया के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत को सार्वजनिक करने पर रोक लगाने की मांग की थी।

राडिया के साथ हुई पत्रकारों और राजनीतिज्ञों की बातचीच से संबंधित सर्वर, हार्ड ड्राइव और टेप मामले की सुनवाई कर रही न्यायाधीश जी.एस. सिंघवी और न्यायाधीश ए.के. गांगुली की पीठ को सौंपी गई।

टाटा ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में व्यापारिक घरानों के लिए लॉबिंग करने वाली नीरा राडिया के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत के टेप के अनधिकृत तरीके से प्रकाशित किए जाने को चुनौती दी है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय, केंद्रीय वित्त मंत्रालय, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और केंद्रीय जांच ब्यूरो को नोटिस जारी किए गए हैं।

न्यायालय ने बातचीत की प्रतिलिपि प्रकाशित करने वाली पत्रिका आउटलुक और ओपन मैगजींस को भी नोटिस जारी किया है।

इन सभी छह पक्षों को नोटिस का जवाब देने के लिए छह सप्ताह का समय दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 13 दिसम्बर को होगी।

उधर न्ययालय ने टाटा की उस याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। टाटा ने अपनी याचिका पर अपनी निजता के अधिकार का हवाला देते हुए कहा है कि न्यायालय मीडिया पर रोक लगाने के लिए आदेश दे ताकि वह नीरा राडिया से हुए बातचीत का टेप सार्वजनिक न करे। उन्होंने कहा है कि बातचीत निजता के दायरे में आता है।

इस पर न्यायालय ने कहा कि इस तरह का आदेश देने से पहले वह बातचीत का अंश प्रकाशित करने वाली पत्रिकाओं आउटलुक और ओपेन का पक्ष सुनेगा।

न्यायालय ने गृह और वित्त मंत्रालय सहित आयकर विभाग के महानिदेशक को नोटिस जारी कर अपना जवाब 10 दिनों के भीतर जमा करने का आदेश दिया।

न्यायालय इस मामले की अगली सुनवाई 13 दिसम्बर को करेगा।

टाटा की ओर से न्यायालय में वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से टेप की गई बातचीत प्रकाशित की गई है उससे उसके निजता के अधिकार का हनन हुआ है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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