इजरायल में आग से मरने वालों की संख्या 41 पहुंची (राउंडअप)
इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को 13 देशों को आपातकालीन बचाव दल और उपकरण भेजने के लिए धन्यवाद दिया। कार्मेल पहाड़ी के 3,700 एकड़ क्षेत्र में यह भीषण आग लगी है। हाइफा शहर धुएं के आगोश में है।
हाइफा के अस्पताल में आग पीड़ितों से मिलने पहुंचे प्रधानमंत्री ने कहा कि कई देशों के हवाई जहाज भीषण आग को बुझाने का प्रयास कर रहे हैं।
उधर, इजरायली पुलिस ने कहा कि उन्हें कुछ 'संदिग्ध सामग्री' मिली है, जिससे इस बात की आशंका है कि आग जानबूझकर लगाई गई है।
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक आग के कारण सैकड़ो एकड़ जंगल नष्ट हो गई है। इजरायल के तटीय शहर हाइफा के पूर्व में स्थित कार्मेल पहाड़ी क्षेत्र में भड़की इस आग पर काबू नहीं पाया जा सका है।
प्रभावित क्षेत्र में तेज हवाएं लपटों को पश्चिमी दिशा की ओर ले जा रही हैं और इसी बीच अग्निशमन दल के कर्मचारी आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं।
अग्निशमन और बचाव दल के प्रमुख ने संवाददाताओं को बताया कि आग को बुझाने में 100 दमकल वाहनों और चार विमानों को लगाया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक आग से निपटने के लिए विदेशों से भी जहाज रामात अवीव सैन्य हवाईअड्डे पर पहुंच रहे हैं। ग्रीस और बुल्गारिया के दो जहाज पहले ही यहां पहुंच चुके हैं। तुर्की, साइप्रस और स्पेन सहित लगभग 13 देशों के जहाज आग पर काबू पाने में लगे हैं।
साथ ही आग बुझाने के लिए ब्रिटेन, रूस, मिस्र, अजरबैजान, रोमानिया, जॉर्डन और अमेरिका ने उपकरण भेजे हैं।
आग से मरने वाले 41 लोगों में 36 पुलिसकर्मी शामिल हैं, जिन्हें आग लगने के बाद एक जेल से कैदियों को बचाने के लिए भेजा गया था। हाइफा के पुलिस प्रमुख को भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार देर रात को घटनास्थल के दौरे के समय कहा, "यह त्रासदी है। इस प्रकार की तबाही के बारे में अब तक हमें पता नहीं था।"
हाइफा अग्निशमन दल के प्रवक्ता ने कहा, "हमने आग पर से अपना नियंत्रण खो दिया है।" वहीं सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री ने कहा कि आग बुझने के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी आग के कारण मरने वाले लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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