अम्बेडकर पार्क का निर्माण समिति की निगरानी में होगा (लीड-1)
सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश एस.एच. कपाडिया, न्यायमूर्ति आफताब आलम एवं न्यायमूर्ति के.एस. राधाकृष्णन की खंडपीठ ने अपने निर्णय में कहा कि पार्क में केवल 25 प्रतिशत इलाके में ही पक्का निर्माण किया जाए। न्यायालय ने पार्क के 25 प्रतिशत हिस्से में भूदृश्य बनाने और शेष 50 प्रतिशत हिस्से में पौधारोपण करने का निर्देश दिया है।
खंडपीठ की ओर से न्यायमूर्ति आफताब आलम ने कहा कि पार्क वन क्षेत्र के दायरे में नहीं आता।
उत्तर प्रदेश सरकार पार्क का निर्माण उसके निर्देशों के तहत कर रही है कि नहीं इसकी निगरानी के लिए न्यायालय ने एक समिति बनाने का निर्देश दिया है। इस समिति में पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से एक पक्षी विशेषज्ञ, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त 'सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी' (सीईसी) का एक सदस्य और 'न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथारिटी' (नोएडा) प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल होंगे।
न्यायालय ने पार्क के नजदीक स्थित नोएडा पक्षी विहार पर चिंता जताई है। न्यायालय ने कहा कि यद्यपि उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण प्रभाव का आकलन करने वाली अधिसूचना का पालन नहीं किया, फिर भी उसे पार्क का निर्माण किए जाने से नहीं रोका जा सकता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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