बैंक कर्ज पर ब्याज घटाएं, जमा पर बढ़ाएं : आरबीआई
सुब्बाराव ने बैंक अधिकारियों के एक सम्मेलन में कहा, "बैंकों को जमाओं पर ब्याज दरें बढ़ाने और कर्ज पर ब्याज दरें कम करने की जरूरत है। दूसरे शब्दों में कहें तो बैंकों को उनकी मध्यस्थता की लागत कम करनी चाहिए यानी बैंकों को अपना शुद्ध ब्याज मुनाफा कम करने की जरूरत है।"
सुब्बाराव ने कहा कि भारतीय बैंकों ने बेहतर प्रदर्शन किया है और ज्यादा लोगों को बैंकिंग तंत्र से जोड़ा है लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
उन्होंने कहा, "अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारतीय बैंकों की शुद्ध ब्याज आय काफी ज्यादा है जबकि सरकार के गरीबी विरोधी प्रयासों में सहयोग के लिए सामाजिक दायित्व पूर्ण कर्ज उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।"
उन्होंने कहा, "दोहरे अंकों की विकास दर और समेकित विकास का सामूहिक लक्ष्य प्राप्त करने के लिए हमें राष्ट्रीय बचत में वृद्धि करने और इस बचत को निवेश में तब्दील करने के लिए माध्यम उपलब्ध कराने की जरूरत है।"
वित्त सचिव रह चुके सुब्बाराव ने कहा कि देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में वित्तीय क्षेत्र ने अहम योगदान दिया है। सकल घरेलू उत्पाद में बैंक कर्ज की हिस्सेदारी मार्च 2000 के 29 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2010 में 55 प्रतिशत हो गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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