पटेल ने किराया बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज किया (लीड-1)
पटेल ने एयरलाइंस की ओर से नागरिक उड्डयन निदेशालय को भेजे गए प्रस्ताव के बारे में कहा कि एयरलाइंस ने निदेशालय को हवाई किराया से संबंधित जवाब भेजा है। निदेशालय अधिकतर एयरलाइंस के जवाबों से संतुष्ट नहीं है।
उन्होंने कहा कि निदेशालय चाहता है कि एयरलाइंस किराया पारदर्शी तरीके से तय करने के बारे में और स्पष्टता से बताए।
उन्होंने कहा कि निदेशालय किराया तय करने वाली एजेंसी नहीं है, लेकिन वह हाथ पर हाथ धड़कर नहीं बैठ सकती है।
गौरतलब है कि निदेशालय ने एयरलाइंस को नोटिस जारी किया था, जिसका एक दिसंबर तक जवाब देने का निर्देश दिया गया था। नोटिस के जवाब में एयरलाइंस ने दूरी के आधार पर किराया तय करने का प्रस्ताव निदेशालय को भेजा।
एयरलाइंस ने दूरी के आधार पर किराया का चार वर्ग बनाने का प्रस्ताव रखा है। ये हैं 750 किलोमीटर (किमी) तक, 750 किमी से 1000 किमी तक, 1000 किमी से 1,400 किमी और 1,400 किमी से अधिक की दूरी।
सस्ते एयरलाइंस (एलसीसी या लो कॉस्ट कैरियर) के लिए 750 किमी तक की दूरी के लिए सामान्य रूप से 2,200 रुपये और सभी सेवाओं वाले एयरलाइंस (एफएससी या फुल सर्विस कैरियर) के लिए अधिकतम 13,000 रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।
इससे अधिक दूरी वाले 750 किमी से 1,000 किमी वाले खंड में न्यूनतम 3,000 रुपये (एलसीसी) और 20,000 रुपये (एफएससी) का प्रस्ताव रखा गया।
इससे अधिक दूरी वाले 1,000 किमी से 1,400 किमी वाले खंड में 4,000 रुपये (एलसीसी) और 25,000 रुपये (एफएससी) का प्रस्ताव रखा गया।
इससे अधिक दूरी वाले यानी 1,400 किमी से अधिक वाले खंड में 5,000 रुपये (एलसीसी) और 40,000 रुपये (एफएससी) के किराये का प्रस्ताव रखा है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशक डॉ. नसीम जैदी ने कहा कि वे किराया को पारदर्शी तरीके से तय करने की योजना पर काम कर रहे हैं, जिससे कि आम जनता में जागरूकता बढ़ाई जा सके। उन्होंेने कहा कि जागरूक जनता ही सबसे बड़ा नियमन है।
निदेशालय ने विभिन्न मार्गो पर किराया का नियमित रूप से विश्लेषण करने के लिए एक इकाई का गठन किया है।
उड्डयन मंत्री ने आशा जताई है कि किराए का मसला दस दिन में सुलझ जाएगा। उन्होंने कहा, "संभवत: दीपावली के समय किरायों में बेतहाशा वृद्धि हुई थी लेकिन हम चाहते हैं कि क्रिसमस पर लोगों को ऐसी परेशानी न हो।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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