भारत कानकुन में अपने रुख से पीछे हट रहा : भाजपा
भाजपा नेता अरूण जेटली ने एक बयान में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से निजी हस्तक्षेप करने और पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश को विकसित देशों के पक्ष में राष्ट्रीय रुख से हटने से रोकने का आग्रह किया है।
भाजपा ने रमेश के हाल के बयान पर आपत्ति जताई है। भाजपा ने कहा, "हम निश्चित रूप से जलवायु परिवर्तन सम्बंधी अपनी घरेलू कार्रवाई की निगरानी, समीक्षा और प्रमाणन/अंतर्राष्ट्रीय परामर्श के लिए एक ऐसी व्यवस्था से जुड़ने को तैयार हैं, जो राष्ट्रीय सम्प्रभुता का सम्मान करे.. और हमने इस बारे में कई दिशानिर्देश सुझाए हैं कि यह व्यवस्था किस तरह काम करेगी।"
ज्ञात हो कि मेक्सिको के कानकुन में 28 नवम्बर से जलवायु वार्ता जारी है। यह वार्ता 10 दिसम्बर तक चलेगी।
जेटली ने कहा कि पिछले वर्ष की जलवायु वार्ता से पहले, रमेश ने स्पष्ट रूप से कहा था कि भारत जलवायु परिवर्तन शमन सम्बंधी अपने उन घरेलू उपायों की अंतर्राष्ट्रीय समीक्षा स्वीकार नहीं करेगा, जिनको विकसित देशों का समर्थन नहीं है।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष जेटली ने कहा, "धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से पर्यावरण मंत्री ने असमर्थित घरेलू कार्रवाई की अंतर्राष्ट्रीय समीक्षा का वचन दे दिया है। भारत का यह रुख कभी नहीं था। विकासशील देशों का यह रुख कभी नहीं था।"
भारत के रुख में आए इस बदलाव पर सवाल खड़ा करते हुए जेटली ने कहा, "यह संसद में किए गए वादों के विपरीत है। यह जी-77 गठबंधन के आदेश के विपरीत है, जिसे भारत ने वर्षो के परिश्रम के बाद समान विचारधारा वाले देशों के साथ तैयार किया है।"
जेटली ने कहा, "यह बराबरी के प्राथमिक सिद्धांतों के भी विपरीत है, जहां विकसित देश प्रदूषण फैलाते हैं और भारत, असमर्थित घरेलू कार्रवाई के जरिए पर्यावरण को दुरुस्त करने का खामियाजा भुगतता है, और अब वे कदम भी अंतर्राष्ट्रीय सत्यापन पर निर्भर होंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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