चीन ने कलाकार, अर्थशास्त्री को देश से बाहर जाने से रोका
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार ऐ और माओ उन दर्जनों कार्यकर्ताओं में शामिल हैं, जिनके आवागमन पर चीन प्रशासन ने अगले सप्ताह जेल में कैद लियु जियाओबो के लिए आयोजित नोबेल शांति पुरस्कार समारोह के पहले प्रतिबंध लगा दिया है।
ऐ ने कहा, "मैंने सीमा शुल्क विभाग की औपचारिकताएं पूरी कर ली थी, लेकिन मुझे प्रस्थान द्वार पर रोक दिया गया।"
ऐ ने कहा कि उन्होंने बीजिंग के कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दक्षिण कोरिया के लिए गुरुवार को एक उड़ान पकड़ने और बाद में जर्मनी, यूक्रेन और डेनमार्क जाने की योजना बनाई थी।
उनकी यात्रा का कार्यक्रम तय था और ओस्लो जाने की उनकी कोई योजना नहीं थी, जहां कि 10 दिसम्बर को नोबेल पुरस्कार समारोह आयोजित होना है।
ऐ ने खुद को प्रस्थान द्वार से हटाए जाने के बारे में कहा, "उन्होंने मुझे कोई कारण नहीं बताया।" उन्होंने कहा, "जब मैंने उनसे कारण जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि मेरे प्रस्थान से चीन की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।"
ऐ ने कहा, "इससे चीन में मानवाधिकारों और कानूनी समस्याओं की गम्भीरता साबित होती है।"
माओ ने कहा कि उन्हें भी गुरुवार को अपराह्न् उसी हवाईअड्डे पर उस समय पकड़ लिया गया, जब वह एक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सिंगापुर के लिए उड़ान पकड़ने वाले थे।
माओ ने अमेरिकी प्रसारणकर्ता 'रेडियो फ्री एशिया' को बताया, "उन्होंने मुझसे कहा कि मैं एक खतरनाक तत्व था।"
माओ ने कहा कि पुलिस को उन्हें चीन से बाहर जाने से रोकने का कारण पता नहीं था।
'रेडियो फ्री एशिया' ने माओ के हवाले से कहा, "वे केवल ऊपर से मिले आदेश का पालन कर रहे थे।"
माओ ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह कार्रवाई शायद अगले सप्ताह लियु के लिए आयोजित पुरस्कार समारोह से सम्बंधित थी। लियु फिलहाल 11 वर्षो के कारावास की सजा काट रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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