भोपाल गैस त्रासदी : पीड़ित सड़कों पर उतरे
अब से 26 साल पहले दो-तीन दिसंबर की दरम्यानी रात यूनियन कार्बाइड संयंत्र से रिसी जहरीली गैस ने हजारों लोगों को मौत की नींद सुला दिया था। वहीं लाखों लोग अब भी इससे मिलने वाली बीमारियों को स्वीकारने को मजबूर हैं।
इस हादसे का असर अब तक झेल रहे लोगों में गुस्सा बरकरार है, यही कारण है कि शुक्रवार की सुबह से ही यूनियन कार्बाइड संयंत्र के सामने पीड़ित जमा होने लगे और एंडरसन सहित कई अन्य राजनेताओं के पुतले फूंकने का दौर शुरू हो गया।
शुक्रवार की सुबह बरकतउल्ला भवन (सेंट्रल लायब्ररी) में मुख्यमंत्री चौहान की मौजूदगी में दो मिनट का मौन रखकर हादसे के शिकार बने लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर चौहान ने पीड़ितों की हर संभव मदद का भरेासा दिलाया। साथ ही कहा कि पीड़ितों के जीवन को बेहतर बनाना हमारी जिम्मेदारी है, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।
इस मौके पर सर्वधर्म सभा भी हुई जिसमें तमाम धर्मो के गुरु शामिल हुए। सभी ने गैस हादसे में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति की कामना की।
इतना ही नहीं गैस पीड़ितों की लड़ाई लड़ने वाले संगठनों के बैनर तले जगह-जगह पीड़ितों का जमावड़ा और यूनियन कार्बाइड संयंत्र की ओर जाती रैलियां देखी गई। रैलियों में शामिल लोगों के हाथों मे तख्तियां थीं और वे हादसे के गुनहगारों के पुतलों को लेकर चल रहे थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications