निगरानी की अनुमति दी थी, ड्रोन हमले की नहीं : मुशर्रफ
इस्लामाबाद, 3 दिसम्बर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने स्वीकार किया है कि उन्होंने आतंकियों के ठिकानों का पता लगाने के लिए अमेरिकी ड्रोन द्वारा निगरानी किए जाने की अनुमति दी थी, लेकिन उन्होंने मानवरहित विमान के जरिए मिसाइल हमले की अनुमति कभी नहीं दी थी।
मुशर्रफ ने एक्सप्रेस 24/7 टीवी चैनल को बताया, "जी हां, हम खुफिया जानकारी चाहते थे, हम चाहते थे कि अमेरिका लक्ष्यों का पता लगाए।"
मुशर्रफ ने कहा कि अमेरिका के साथ हमारा एक सामान्य तरह का समझौता हुआ था और अलग-अलग मामलों के आधार पर निगरानी की अनुमति दी गई थी।
'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने कहा है कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच आपसी सहमति के अनुसार आतंकी ठिकानों पर हमले का तरीका इस्लामाबाद को तय करना था।
मुशर्रफ ने कहा कि उनकी सरकर ने ड्रोन हमले की अनुमति कभी नहीं दी थी। उन्होंने कहा, "लक्ष्यों का पता चल जाने के बाद, हमले का तरीका हमें तय करना था। हमला लड़ाकू हेलीकॉप्टर से करना है या कमांडो हेलीबोर्न बल द्वारा या फिर किसी अन्य तरीके से। लेकिन वह निर्णय हमें लेना था।"
ज्ञात हो कि वर्ष 2008 में हुए आम चुनाव में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की जीत के बाद मुशर्रफ को कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। फिलहाल वह लंदन और दुबई के बीच आत्मनिर्वासन का जीवन बिता रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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