भाजपा को भ्रष्टाचार पर बोलने का अधिकार नहीं: प्रणब
प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि उसे भ्रष्टाचार के मामले पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष कैमरे पर रिश्वत लेते हुए देखे जा चुके हैं।
मुखर्जी का यह बयान भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के उस बयान के एक दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार भ्रष्टाचार के प्रति बेपरवाह है और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का इस्तेमाल राजनीतिक हित साधने के लिए कर रही है।
मुखर्जी ने विपक्ष की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने दागी मंत्रियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। साथ ही उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बयान के दोहराते हुए कहा कि मौजूदा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई करने में विश्वास करती है।
संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में मुखर्जी ने कहा, "लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि पूर्ववर्ती सरकार में हमने क्या देखा था, तहलका खुलासे में क्या हुआ था। लोगों ने देखा था कि कैसे एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष रिश्वत ले रहे थे, यह सब कैमरे में कैद हुआ था। यदि वह भ्रष्टाचार पर बोलते हैं तो उन्हें इस पर भी कुछ बोलना चाहिए।"
मुखर्जी ने तहलका ऑपरेशन में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण को कैमरे पर रिश्वत लेते हुए दिखाए जाने के संदर्भ में यह बात कही।
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले की जांच जेपीसी से कराने की मांग को लेकर एनडीए और वाम दलों सहित प्रमुख विपक्षी पार्टियों के हंगामे के चलते संसद के शीतकालीन सत्र में पिछले 15 दिनों से कार्यवाही बाधित है।
मुखर्जी ने कहा, "राष्ट्रमंडल खेल खत्म होने के बाद हमने शुंगलू समिति का गठन करके पहले दिन से ही भ्रष्टाचार के मामलों की जांच शुरू कर दी थी। इसी तरह नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जल्द ही सम्बंधित मंत्री ने इस्तीफा दे दिया था जबकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह दोषी हैं या नहीं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications