गर्भावस्था में करें तले-भुने खाने से परहेज
कोलोरेडो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के दल का कहना है कि गर्भवती महिला का आहार उसके भ्रूण को उसी तरह की गंध और स्वाद के प्रति संवेदनशील बनाता है। इससे बच्चों के मस्तिष्क का विकास भी प्रभावित होता है।
समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक जब बच्चे बड़े होते हैं तो उन्हें खाने-पीने की वही चीजें पसंद आती हैं जो उनके गर्भ में रहने के दौरान उनकी मां ने खाई थीं।
अध्ययनकर्ता जोसफीन टोडरैंक का कहना है कि यदि गर्भावस्था के दौरान मां मद्यपान करती है तो उसका बच्चा भी आगे चलकर इसके प्रति आकर्षित हो सकता है। इसकी वजह यह है कि विकसित होता हुआ भ्रूण यह उम्मीद करता है कि उसे मां से जो भी मिल रहा है वह सुरक्षित है।
'प्रोसीडिंग्स ऑफ रॉयल सोसायटी बी जर्नल' के मुताबिक टोडरैंक कहते हैं कि यदि मां स्वास्थ्यवर्धक भोजन लेती है तो उसके बच्चे में भी ऐसी ही प्रवृत्ति देखी जाएगी।
शोधकर्ताओं ने चूहों पर यह अध्ययन किया था। उन्होंने देखा कि गर्भावस्था के दौरान मां के आहार की गंध से शिशु के मस्तिष्क के गंध को पहचानने वाले हिस्से की संरचना प्रभावित होती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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