श्रीलंकाई सैनिकों के युद्ध अपराध सम्बंधी वीडियो की जांच की मांग
इस वीडियो का प्रसारण मंगलवार को हुआ था जिसमें श्रीलंका में 26 साल से चल रहे गृहयुद्ध के कुछ अंतिम सप्ताहों में सैनिकों को नागरिकों को फांसी देते दिखाया गया था। पिछले साल तमिल विद्रोही समूह लिट्टे पर श्रीलंकाई सरकार की विजय की घोषणा के बाद यह युद्ध समाप्त हो गया था।
श्रीलंकाई सैनिकों द्वारा नागरिकों को मनमानी सजा दिए जाने पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत क्रिस्टोफ हेन्स का कहना है, "यह वास्तव में चौंकाने वाला है और इस मामले में और जांच की आवश्यकता है।"
वीडियो में एक सैनिक को आंखों पर पट्टी बांधे कैदियों में से एक के पैर में गोली मारते दिखाया गया था, बाद में यह कैदी जमीन पर पड़े अन्य तमिल कैदियों के ऊपर गिर जाता है।
वैसे संयुक्त राष्ट्र ने 16 महीने पहले ही यह मामला सामने आने के बाद इसकी जांच शुरू कर दी थी। चैनल 4 न्यूज ने यह वीडियो श्रीलंका में युद्ध अपराध के आरोपों की जांच कर रही संयुक्त राष्ट्र समिति को सौंप दिया है।
इस बीच ब्रिटेन में श्रीलंकाई उच्चायोग ने कहा है कि चैनल 4 न्यूज द्वारा प्रसारित किया गया वीडियो प्रामाणिक नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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