ब्रिटेन में हैं असांज, लगाम कसने की है कोशिश

असांज की विकीलीक्स ने दुनिया के कई देशों को नाराज़ किया है.
ब्रिटेन के एक अख़बार का कहना है कि विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज ब्रिटेन में छिपे हुए हैं और पुलिस उनके ठिकाने के बारे में जानते हुए भी उन्हें गिरफ़्तार नहीं कर रही.
असांज के ख़िलाफ़ स्वीडन में यौन अपराध का मामला दर्ज है और उनकी गिरफ़्तारी के लिए इंटरपोल ने रेड नोटिस जारी किया हुआ है.
असांज के वकील ने भी गुरूवार को दिए बयान में कहा है कि ब्रिटेन की पुलिस और कई देशों की सुरक्षा एजेंसियां उनके ठिकाने के बारे में जानती हैं.
अख़बारों का ये भी कहना है कि पुलिस कोई कदम नहीं उठा सकती क्योंकि स्वीडन ने गिरफ़्तारी का वारंट ग़लत भरा था.
वहीं विकीलीक्स के एक प्रवक्ता ने कहा है कि असांज को हत्या की धमकी भी मिली है और इसलिए उनका खुलकर रहना संभव नहीं है.
दी इंडीपेंडेंट अख़बार का कहना है कि 39-वर्षीय आस्ट्रेलियाई नागरिक जूलियन असांज ने अक्तूबर में ही ब्रितानी पुलिस को अपने पहुंचने की ख़बर दे दी थी.
अख़बार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि पुलिस के पास असांज के घर का पता और टेलीफ़ोन नंबर भी है.
असांज पहले कंप्यूटर हैकिंग का काम कर चुके हैं और एक तरह से बंजारों वाली ज़िंदगी जीते हैं. उन्होंने अक्तूबर में स्वीडन छोड़ दिया था जब अधिकारियों ने उनसे कहा कि वो उनसे एक बलात्कार और यौन अपराध के बारे में सवाल करना चाहते हैं.
वहीं अमरीका में भी उनपर लगाम कसने की पूरी कोशिश हो रही है.
कोई उन्हें गद्दार तो कोई आतंकवादी कह रहा है.
माना जा रहा है कि अमरीकी अधिकारी और राजनेता असांज को सलाखों के पीछ डालने की जीतोड़ कोशिश कर रहे हैं.
लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि इसमें काफ़ी क़ानूनी पेचीदगियां होंगी क्योंकि अमरीकी संविधान अभिव्यक्ति की आज़ादी की गारंटी देता है.
विकीलीक्स ने अमरीका के लिए बहुत बड़ी कूटनीतिक समस्या पैदा कर दी है.
अंतरराष्ट्रीय क़ानून के जानकार ब्रूस ज़ैगरिस ने एएफ़पी समाचार एजेंसी को बताया, “मेरा यकीन मानिए..इस वक्त अमरीकी जस्टिस विभाग में कई वकील लगे हुए हैं कि किस धारा के तहत असांज को जकड़ा जा सकता है.”
अमरीका ने पिछली जुलाई में ही एक आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया था जब विकीलीक्स ने अफ़गानिस्तान से जुड़े गोपनीय दस्तावेज़ सार्वजनिक कर दिए.
लेकिन इस दौर की लीक के बाद तो उनपर कार्रवाई करने के लिए कहीं ज़्यादा दबाव है.
अमरीकी एटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर ने सोमवार को कहा, “कोई भी जिसका अमरीकी क़ानून को तोड़ने में हाथ होगा..उसे जवाब देना होगा. अग़र क़ानून में कोई कमी होगी तो उसे दूर किया जाएगा. कोई चाहे किसी नागरिकता का हो, या कहीं रहता हो वो ये नहीं सोच सकता कि वो निशाने पर नहीं है.”
इस बयान से ये भी माना जा रहा है कि अमरीका सीधे असांज के पीछे भी जा सकता है.
एक रिपबलिक्न सांसद ने उनपर जासूसी का मुकदमा चलाने की मांग की है और विकीलीक्स को एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित करने की अपील की है.


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