चारा घोटाले में 12 अधिकारियों को 5 वर्ष की कैद
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ए.एच. अंसारी ने सोमवार को रांची के डोरंडा कोषागार से फर्जी तरीके से 20 करोड़ रुपये निकलवाने के मामले में 52 लोगों के नाम अभिशंसित किए थे। गुरुवार को अदालत ने सात अधिकारियों को पांच वर्ष कैद तथा पांच अधिकारियों को चार वर्ष कैद की सजा सुनाई। ये अधिकारी पशुपालन विभाग एवं डोरंडा कोषागार से सम्बद्ध हैं।
सजा पाने वाले 12 अधिकारियों में से सात पशुपालन विभाग तथा शेष पांच डोरंडा कोषागार कार्यालय के हैं।
अदालत इस मामले में गुरुवार तक 40 लोगों को सजा सुना चुकी है। अदालत ने कहा कि दोषी पाए जाने पर शेष दोषियों को शुक्रवार को सजा सुनाई जाएगी।
अविभाजित बिहार में लाखों रुपये का चारा घोटाला 1996 में हुआ था। नवंबर 2000 में बिहार से कुल 61 मुकदमे झारखण्ड में स्थानांतरित कर दिए गए। सीबीआई की विशेष अदालत इस मामले से जुड़े 32 मुकदमों में फैसला दे चुकी है।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र पांच मुकदमों में आरोपी हैं। ये मुकदमे रांची की सीबीआई अदालत में विचाराधीन हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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