प्रदूषण से नर पक्षी बन जाते हैं समलिंगी
एक अध्ययन में पता चला है कि खाद्य श्रृंखला में एक विषैली धातु के प्रदूषण से नर पक्षियों के लैंगिक व्यवहार में बदलाव आ जाता है। उनमें समलैंगिकता की प्रवृत्ति आ जाती है।
समाचार पत्र 'डेली मेल' में इस बारे में छपी एक खबर के मुताबिक वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में पाया है कि नर सारस (आईबिस) पक्षी के भोजन में यदि पारा धातु के एक किस्म (मिथाइलमर्करी) की काफी मामूली मात्रा भी हो तो वे मादा से मुंह फेर कर नर के साथ सहवास के लिए प्रेरित होते हैं।
पारा का यह किस्म सामान्य तापमान पर तरल अवस्था में रहता है। इसे क्वि क सिल्वर के नाम से भी जाना जाता है।
अमेरिका के फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक पीटर फ्रेडरिक और उनके साथियों ने 160 सफेद आइबिस (सारस जैसा एक पक्षी) को लेकर उसे चार अलग समूह में बांट दिया। एक समूह को शुद्ध भोजन दिया गया। दूसरे समूह के भोजन में मिथाइलमर्करी की मामूली मात्रा थी। तीसरे समूह के भोजन में मिथाइलमर्करी की थोड़ी अधिक मात्रा थी और चौथे समूह के भोजन में मिथाइलमर्करी की थोड़ी और अधिक मात्रा थी।
वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन तीन समूहों को अलग अलग मात्रा में मिथाइलमर्करी की खुराक दी गई, उनमें समलैंगिकता की प्रवृत्ति देखी गई। उन्होंने नर आइबिस के साथ सहवास किया और उनके साथ घोसला बनाकर कई सप्ताह तक रहे।
वैज्ञानिकों का मानना है कि मिथाइलमर्करी का प्रदूषण दूसरे पक्षियों के लैंगिक व्यवहार को भी प्रभावित कर सकता है।
उनके मुताबिक इससे लैंगिक व्यवहार में 50 फीसदी तक बदलाव आ सकता है। इसके कारण पक्षियों की जनसंख्या तेजी से गिर सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications