कम्प्यूटर विरोधी माकपा नेताओं को खूब भा रहा है फेसबुक
कोलकाता, 2 दिसम्बर (आईएएनएस)। कभी भारत में कम्प्यूटर का जोरदार मुखालफत करने वाले मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता अब पश्चिम बंगाल में सोशल नेटव*+++++++++++++++++++++++++++र्+*ग साइट फेसबुक की सेवाएं लेने से नहीं हिचक रहे हैं।
प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटे माकपा नेता ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए उत्सुक हैं। नेता खासकर नई पीढ़ी को अपने से जोड़ना चाहते हैं।
माकपा की छात्र इकाई 'स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया' (एसएफआई) के राज्य सचिव कौस्तव चटर्जी ने यहां बताया, "मैं सोशल नेटवर्किं ग साइट फेसबुक से अपने दोस्तों और साथियों के साथ संपर्क में रहता हूं। एक हद तक अब इसका इस्तेमाल प्रचार और संवाद के एक साधन के रूप में किया जा रहा है।"
उन्होंने बताया कि पार्टी के प्रमुख नेता जैसे सुजन चक्रवर्ती, मोइनुल हसन, समिक लाहिड़ी, मानब मुखर्जी और राज्य उद्योग मंत्री निरूपम सेन नियमित रूप से फेसबुक पर नजर आते हैं।
माकपा नेता वेबसाइट का इस्तेमाल नई पीढ़ी तक पहुंच बनाने में तो कर ही रहे हैं। साथ ही वे इसका उपयोग अपनी विरोधी पार्टी तृणमूल कांग्रेस और इसकी प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ प्रचार करने के लिए एक मंच के रूप में करने लगे हैं।
मानब मुखर्जी ने फेसबुक पर माकपा सदस्यों के खिलाफ नक्सली और तृणमूल हिंसा से संबंधित कई लेख प्रकाशित किए हैं। इसके अलावा मुखर्जी ने पुलिस संत्रास विरोधी जन समिति (पीसीपीए) के समन्वयक छत्रधर महतो के साथ ममता बनर्जी की बातचीत की ब्योरा भी दिया है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1980 और 1990 के दशकों में माकपा ने देश में कम्प्यूटर के इस्तेमाल पर उग्र प्रदर्शन किया था। उसने कहा था कि यह सर्वहारा वर्ग से रोजगार छीनने के लिए पूंजीपतियों की एक साजिश है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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