अंतत: ताजमहल को मिल ही गई एम्बुलेंस
आगरा विकास प्राधिकरण ने बुधवार शाम स्वास्थ्य विभाग को एक वातानुकूलित एम्बुलेंस उपलब्ध कराई। करीब 15 लाख रुपये की लागत वाली यह एम्बुलेंस ताजमहल के पूर्वी द्वार पर खड़ी होगी।
ताजमहल के दीदार के लिए हर रोज अमूमन 10,000 से 15,000 लोग पहुंचते हैं और वहां पर्यटकों के घायल होने की कई घटनाएं होती हैं।
एक ताजा घटना में 25 नवंबर को मुम्बई के एक पर्यटक की ताज परिसर में दौरा पड़ने के बाद चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में मौत हो गई थी।
वैसे पर्यटन उद्योग के विशेषज्ञ इस पहल की सफलता को लेकर संदेह में हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के पास पहले ही ऐसी बहुत सी एम्बुलेंस हैं जिनका कोई उपयोग नहीं होता है और पर्यटकों के लिए चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसी गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) को सौंपी जा सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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