शिव सेना के 5 विधायक निलम्बित, विपक्ष नाराज (लीड-1)
निलम्बन के बाद नागपुर और मुम्बई में राज्य विधानसभा भवनों के परिसरों में संजय राठौर, शरद पाटील, रवींद्र वाइकर, अभिजीत अड़सुल और आशीष जायसवाल के प्रवेश पर अगले शीतकालीन सत्र तक रोक लगा दी गई है। ये विधायक पिछले दो महीनों के दौरान बेमौसमी बारिश के कारण नुकसान उठा रहे किसानों के लिए पर्याप्त मुआवजे की मांग कर रहे थे।
महाराष्ट्र विधानसभा का शीतकालीन सत्र यहां बुधवार से शुरू हुआ। संसदीय मामलों के मंत्री हर्षवर्धन पाटील ने संवाददाताओं को बताया कि इन विधायकों द्वारा भविष्य में भी ऐसा आचरण किया जा सकता था, इसी को देखते हुए उनके निलम्बन का निर्णय लिया गया।
विधानसभा में लगातार दो दिन बुधवार और गुरुवार को शोरगुल का माहौल रहने पर यह निर्णय लिया गया। ये विधायक विधानसभाध्यक्ष के आसन तक पहुंच गए थे। उन्होंने विधानसभाध्यक्ष के दंड को छीन लिया था और उसे हवा में लहराया था।
उन पर संविधान का अपमान करने और विधानसभा के दस्तावेज और फाइलें फेंकने का भी आरोप है।
विधायकों के खिलाफ की गई इस अनुशासनात्मक कार्रवाई से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिव सेना नाराज हैं।
सदन में शिव सेना के नेता सुभाष देसाई ने निलम्बन को कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की सत्तारूढ़ लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार का विपक्ष को कमजोर करने का प्रयास बताया है। उनका कहना है कि सदन में प्रमुख घोटालों पर चर्चा होनी थी इसलिए विपक्ष की ताकत कम करने की कोशिश की गई है।
भाजपा नेता एकनाथ खड़से ने निलम्बन की निंदा करते हुए कहा है कि सरकार किसानों के लिए न्याय की मांग करने वाले विधायकों की आवाज दबा रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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