विवेकानंद ने की जगन से भेंट
उनकी यह मुलाकात दोनों के बीच दो दिन पहले हुए कथित विवाद के बाद हुई। विवेकानंद आंध्र प्रदेश के दिवंगत मुख्यमंत्री वाई.एस.राजशेखर रेड्डी के छोटे भाई हैं। विवेकानंद ने मीडिया में आई इन खबरों को गलत बताया है कि मंगलवार रात उनमें और जगन में कोई विवाद हुआ था।
विवेकानंद ने संवाददाताओं को बताया, "ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं हैं। हम हमेशा से एक साथ थे और अब से हमेशा एकसाथ रहेंगे।"
जगन द्वारा नई पार्टी शुरू किए जाने के बारे में पूछने पर विवेकानंद ने कहा, "हमने राजनीतिक मसलों पर चर्चा नहीं की।" उन्होंने कहा कि भारत में ऐसे बहुत से परिवार हैं जिनमें राजनीतिक मतभेद हैं लेकिन उनके सदस्य अभी तक एक-दूजे से मिलते हैं और रिश्ते बरकरार रखते हैं।
लेकिन जब विवेकानंद इस मुलाकात के बाद लौट रहे थे तो जगन के अनेक समर्थकों ने उनकी कार को रोक लिया और मंत्रिमंडल से उनके इस्तीफे की मांग करने लगे। वे सभी जगन के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे।
जब जगन समर्थकों ने कार आगे नहीं बढ़ने दी तो विवेकानंद ने बाहर निकलकर उन्हें चेतावनी दी। उसके बाद वे वहां से चले गए जबकि जगन समर्थकों ने उनका पीछा किया।
विवेकानंद को कृषि विभाग सौंपा गया है जिसे उनके भाई वाईएसआर हमेशा शीर्ष प्राथमिकता देते थे।
जगन और उनकी मां विजयलक्ष्मी ने सोमवार को कांग्रेस छोड़ दी थी और साथ ही साथ क्रमश: संसद और विधानसभा सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि वह विवेकानंद को मंत्री पद देने का प्रलोभन देकर उनके परिवार में फूट डाल रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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