आंध्र प्रदेश में राजनीतिक संकट गहराया, असंतुष्टों को मनाने की कोशिश (लीड-1)

उन्होंने अनम रामनारायण रेड्डी और पूर्व विधान सभा अध्यक्ष सुरेश रेड्डी को असंतुष्टों से बातचीत करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

उधर कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व इस संकट को सुलझाने के लिए सक्रिय हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल और पार्टी महासचिव तथा आंध्र प्रदेश में पार्टी के प्रभारी वीरप्पा मोइली ने मुख्यमंत्री को फोन पर वरिष्ठ मंत्रियों की नाराजगी दूर करने के लिए हर जरूरी कदम उठाने के लिए कहा है।

आंध्र प्रदेश में सरकार असंतोष के स्वर ऐसे समय उभरे हैं जब नए मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण को 24 घंटे से भी कम समय हुआ है।

सभी प्रमुख मंत्रालय रेड्डी समुदाय के विधायकों को दिए जाने से पिछड़े और अन्य समुदायों के नेता नाराज हैं और भावी रणनीति तय करने के लिए गुपचुप बैठक कर रहे हैं।

तेलंगाना के मंत्री और विधायक केंद्र के वरिष्ठ नेता की घोषणा के बावजूद अब तक तेलंगाना से उप मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने के कारण मुख्यमंत्री से टकराव पर उतारू हैं।

विभिन्न पक्षों की नाराजगी और गुपचुप हो रही बैठकों को देखते हुए मुख्यमंत्री पर मंत्रालयों का बंटवारा दोबारा करने और उप मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा करने के लिए दबाव बढ़ रहा है।

माना जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी के प्रयासों से 2004 के बाद लगातार सत्ता में रही कांग्रेस मंत्रालय के बंटवारे के मामले में विभिन्न खेमों में बंटती जा रही है।

मध्यरात्रि को हुए घटनाक्रम में वट्टी वसंत कुमार ने मंत्री पद एवं विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह कदम मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी द्वारा उन्हें पर्यटन मंत्रालय का कार्यभार सौंपे जाने के चंद घंटे बाद उठाया। वह वाई.एस. राजशेखर रेड्डी और के. रोसैया मंत्रिमंडलों में ग्रामीण विकास मंत्री थे।

के. वैंकेट रेड्डी ने भी अपने समर्थकों से कह दिया है कि मनचाहा विभाग न मिलने की वजह से वह भी इस्तीफा दे देंगे। उन्हें बुनियादी ढांचा एवं निवेश मंत्रालय दिया गया है, जबकि वह पहले सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री थे।

मंत्रियों के विभागों की घोषणा बुधवार रात नौ बजे की गई थी जबकि करीब 12 घंटे पूर्व ही नए मंत्रिमंडल के 39 सदस्यों को शपथ दिलाई गई थी।

नए मंत्रिमंडल में शामिल किए गए सदस्यों में से धर्मना प्रसाद राव, बोत्सा सत्यनारायण, पुन्नाला लक्ष्मैया, जे.कृष्ण राव, दामोदर राजनरसिम्हां और कन्ना लक्ष्मीनारायणा जैसे कई वरिष्ठ सदस्य सौंपे गए विभागों से नाखुश हैं।

हैदराबाद के मुकेश गौड़ और डी. नागेंद्र भी नाखुश हैं और उन्होंने भावी कार्रवाई तय करने के लिए गुपचुप बैठक की है। पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी के कार्यकाल में महत्वपूर्ण मंत्रालय रखने वाले मंत्रियों को मौजूदा सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालय नहीं मिलने के कारण वे नाराज चल रहे हैं।

आंध्रप्रदेश के 40 सदस्यीय मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत कुल 14 मंत्री रेड्डी समुदाय से हैं और उनमें से दस को महत्वपूर्ण मंत्रालय सौंपे गया है।

करीब 10 विधायकों ने आगे की कार्रवाई तय करने के लिए दामोदर राजनरसिम्हा के आवास पर बैठक की है। राजनरसिम्हा भी मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल थे। उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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