नागरिक परमाणु सहयोग समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं भारत, फ्रांस
फ्रांस ने भारत से कहा है कि वह फ्रांस के परमाणु उपकरण आपूर्तिकर्ताओं की कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करे और उसके नागरिक दायित्व कानून अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होने चाहिए।
सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात के दौरान भी सरकोजी यह संदेश दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक नागरिक परमाणु सहयोग समझौते के प्रारूप पर बातचीत जारी है।
सूत्रों ने कहा कि यदि इस समझौते के प्रारूप पर बातचीत पूरी हो गई तो सरकोजी की यात्रा के दौरान फ्रांस की परमाणु उपकरण बनाने वाली कम्पनी अरेवा और भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के बीच दो यूरोपीयन प्रेशराइज्ड रिएक्टर के निर्माण के समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
प्रस्तावित समझौते में अरेवा द्वारा शुरुआती तौर पर दो परमाणु संयंत्रों के निर्माण के लिए विस्तृत नियम तय किए जाएंगे। बाद में निर्माण किए जाने वाले परमाणु संयंत्रों की संख्या छह हो सकती है।
विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (यूरोप-पश्चिम) टी. पी. सीताराम ने बुधवार को कहा, "एनसीपीआईएल और अरेवा वाणिज्यिक समझौता कर सकते हैं।"
उन्होने कहा, "लेकिन इसके लिए दोनों सरकारों के बीच समझौते की जरूरत होगी जिसमें गोपनीयता और बौद्धिक सम्पत्ती अधिकार के प्रावधान होंगे। इस पर विचार किया जा रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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