अमेरिकी बैंकों को मिला था 9000 अरब डॉलर का आपात ऋण
वाशिंगटन, 2 दिसम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने 2008 की भयानक आर्थिक मंदी से बचाने के लिए अमेरिकी बैंकों और वालस्ट्रीट की कम्पनियों को रातों-रात कुल 9000 अरब डॉलर का ऋण जारी किया था।
बुधवार को हुए इस खुलासे के मुताबिक मार्च 2008 में बाजार के ध्वस्त होने के बाद अमेरिका के बॉण्ड बाजार में कारोबार के साधारण स्तर को बनाए रखने के लिए एक खास कार्यक्रम के तहत जारी किए गए इस विशाल ऋण के सामने वालस्ट्रीट कम्पनियों को मिला 700 अरब डॉलर का राहत पैकेज बौना लगने लगा है।
अलग-अलग चरणों में जारी किया गया यह ऋण 0.5 फीसदी से 3.5 फीसदी की मामूली ब्याज दर पर जारी किया गया था और इसके लिए गिरवी रखे गए थे।
सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने फेड की इस विशाल ऋण राशि को अविश्वसनीय और अचंभित करने वाला बताया है। 'सीएनएन मनी' को उन्होंने कहा कि इस राशि के सामने तो वालस्ट्रीट प्रोत्साहन राशि जेब में रखे खुल्ले पैसे जैसी लगती है।
फेडरल रिजर्व के इस ऋण में सबसे अधिक 2100 अरब डॉलर मेरिल लिंच को मिला था। इसके बावजूद कम्पनी अपनी आजादी बरकरार नहीं रख पाई और बैंक ऑफ अमेरिका के हाथों बिक गई।
इसके बाद ऋण पाने वालों में दूसरे स्थान पर 2000 अरब डॉलर के साथ था सिटी समूह, जिसके अधिकांश शेयर पहले ही राहत पैकेज के कारण अमेरिका के वित्त मंत्रालय के पास चले गए थे।
तीसरे स्थान पर थी मॉर्गन स्टेनली। इसे 1900 अरब डॉलर मिला था। यह ऋण कम्पनियों को कई चरणों में अलग अलग ऋण योजना के अंतर्गत मिला था।
सबसे बड़ा एक मुश्त ऋण 18 सितंबर, 2008 को बार्कलेज कैपिटल को 47.9 अरब डॉलर का मिला था, जिसका उपयोग उसने मंदी से ध्वस्त हो गए लेहमैन ब्रदर्स की बची खुची संपत्ति खरीदने में की।
बुधवार के खुलासे में बताया गया कि फेडरल रिजर्व ने कुल 9000 अरब डॉलर का यह ऋण दिसम्बर 2007 से जुलाई 2010 तक 21,000 अलग-अलग ऋण सौदों के तहत दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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