आंध्र में राजनीतिक उठापठक खत्म, किरण होंगे नए मुख्यमंत्री (राउंडअप)

हैदराबाद, 24 नवंबर (आईएएनएस)। के. रोसैया द्वारा बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस पार्टी ने देर रात नए मुख्यमंत्री के रूप में विधानसभा अध्यक्ष एन. किरण कुमार को चुन लिया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी ने यहां पत्रकारों को बताया, "सोनिया गांधी ने किरण कुमार रेड्डी को मुख्यमंत्री के लिए चुना है।"

मुखर्जी ने कहा कि राज्यपाल गुरुवार को किरण कुमार रेड्डी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

विधानसभा अध्यक्ष रायलसीमा क्षेत्र से आते हैं और उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस.राजशेखर रेड्डी का भरोसेमंद माना जाता है।

बुधवार शाम आंध्र प्रदेश कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को के. रोसैया का उत्तराधिकारी चुनने का अधिकार दिया गया था।

करीब 15 महीनों तक मुख्यमंत्री का कामकाज संभालने वाले रोसैया (78) ने यह कहते हुए अपना इस्तीफा दिया कि उनके लिए इस उम्र में काम का बोझ उठा पाना मुश्किल हो रहा है।

उन्होंने कहा, "इस्तीफा देने का कोई विशेष कारण नहीं है। मेरी आयु और स्थिति ऐसी हो गई है कि अब मैं अपना कामकाज ठीक तरह से कर पाने की स्थिति में नहीं हूं। इसलिए अपना इस्तीफा देने के लिए मैंने पार्टी आला कमान से मंजूरी ली। मैं इसके लिए सोनिया गांधी का आभारी हूं।"

अपने इस्तीफे के लिए रोसैया ने किसी तरह के राजनीतिक दबाव की बात से इंकार किया। उन्होंने कहा कि वह अपने 14 महीनों के कामकाज से संतुष्ट हैं।

रोसैया ने इस्तीफे का ऐलान करने के कुछ ही देर बाद राजभवन पहुंचकर राज्यपाल ई.एस.एल. नरसिम्हन को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

रोसैया ने गत वर्ष तीन सितंबर को राज्य के मुख्यमंत्री वाई.एस राजशेखर रेड्डी की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभाला था।

रोसैया का इस्तीफा उस समय आया जब कांग्रेस की राज्य इकाई का एक धड़ा पार्टी के सांसद जगनमोहन रेड्डी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। जगमोहन के टेलीविजन चैनल 'साक्षी' ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ एक कार्यक्रम प्रसारित किया था।

वरिष्ठ नेता ने एक दिन पहले नई दिल्ली का दौरा किया था। माना जाता है कि इस दौरान उन्होंने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने के बाद बुधवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

ज्ञात हो कि वाई.एस.आर. रेड्डी की मृत्यु के बाद उनके समर्थक जगन को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन पार्टी ने उनकी मांग को खारिज करते हुए वरिष्ठ नेता रोसैया को मुख्यमंत्री पद पर बैठाया।

इसके बाद से ही जगन केंद्रीय नेतृत्व को कई बार चुनौती पेश कर चुके हैं। पार्टी के निर्णय के खिलाफ उन्होंने अपनी 'ओडरपू यात्रा' की।

बुधवार देर शाम 15 मिनट तक चली विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री के तौर पर रोसैया की सेवाओं का लिखित प्रमाण सुरक्षित रखने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

मुखर्जी ने कहा कि बैठक में अन्य मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई। बैठक में पार्टी के करीब सभी 156 विधायक मौजूद थे। बैठक में वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री ए.के. एंटनी, एम. वीरप्पा मोइली और गुलाम नबी आजाद पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद थे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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