रोसैया का इस्तीफा, सोनिया चुनेंगी उत्तराधिकारी (लीड-3)
मुख्यमंत्री के. रोसैया ने अपनी सेहत का हवाला देते हुए बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। करीब 15 महीनों तक मुख्यमंत्री का कामकाज संभालने वाले रोसैया (78) ने कहा कि इस उम्र में काम का बोझ उठा पाना मुश्किल हो रहा था।
उनके इस्तीफे के बाद राज्य के नए मुख्यमंत्री को लेकर कयास लगाने का सिलसिला शुरू हो गया। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी, विधानसभा अध्यक्ष एन. किरणकुमार रेड्डी और राज्य मंत्री जे. गीता रेड्डी को मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे सशक्त उम्मीदवार माना जा रहा है।
हैदराबाद में देर शाम चार केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नए नेता का चुनाव सोनिया द्वारा करने के लिए सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया।
विधायक दल के साथ बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने पत्रकारों को बताया कि वह बैठक में हुए निर्णय से सोनिया गांधी को अवगत कराएंगे।
उन्होंने कहा, "पार्टी अध्यक्ष का निर्णय आप लोगों तक उचित समय पर बता दिया जाएगा।"
मुखर्जी ने कहा कि बैठक में अन्य मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई। बैठक में पार्टी के करीब सभी 156 विधायक मौजूद थे।
बैठक में मुखर्जी के अलावा वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री ए.के. एंटनी, एम. वीरप्पा मोइली और गुलाम नबी आजाद भी पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित थे। इनके अलावा बैठक में रोसैया, पार्टी के राज्य प्रमुख डी. श्रीनिवास और विधान परिषद के सदस्य भी मौजूद थे।
इस बीच हैदराबाद में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक के लिए रवाना होने से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने जयपाल रेड्डी के साथ बैठक की।
जयपाल रेड्डी ने हालांकि बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि उनकी बैठक का आंध्र प्रदेश में चल रहे राजनीतिक उठापठक से कोई लेना देना नहीं है।
उल्लेखनीय है कि रोसैया ने बुधवार को इस्तीफे का ऐलान करने के कुछ ही देर बाद राजभवन पहुंचकर राज्यपाल ई.एस.एल. नरसिम्हन को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
रोसैया का इस्तीफा उस समय आया जब कांग्रेस की राज्य इकाई का एक धड़ा पार्टी के सांसद जगनमोहन रेड्डी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। जगमोहन के टेलीविजन चैनल 'साक्षी' ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ एक कार्यक्रम प्रसारित किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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