'पाकिस्तान में आतंकियों को पनाह मिलने से अफगान युद्ध प्रभावित'
वाशिंगटन, 24 नवंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के आतंकियों के सुरक्षित पनाहगाहों को समाप्त न कर पाने और तालिबान द्वारा माहौल के अनुरूप ढल जाने के कारण अफगान युद्ध की गति मंद पड़ गई। यह बात अमेरिकी रक्षा विभाग की एक नई रिपोर्ट में कही गई है।
कांग्रेस को प्रस्तुत किए गए आवश्यक द्विवार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस तरह से आतंकी समूहों ने सीमा पार के अपने अभियानों के लिए पाकिस्तान को लगातार एक ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया, उससे अपनी भूमि पर आतंकियों पर नकेल कसने की पाकिस्तान की इच्छा और क्षमता दोनों पर सवाल उठ खड़ा हुआ है।
"96 पृष्ठों की 'अफगानिस्तान में सुरक्षा और स्थायित्व की प्रगति पर रिपोर्ट' में कहा गया है, "पाकिस्तान और ईरान में आतंकी क्षमताओं (सैन्य सहायता और सुरक्षित पनाह) को समाप्त करने की कोशिशों का अच्छा परिणाम नहीं मिला।"
रिपोर्ट में अप्रैल से सितम्बर के अंत तक की अवधि ली गई है। रिपोर्ट में कहा गया है, "पाकिस्तान के घरेलू उग्रवाद के खतरे और 2010 की बाढ़ ने निकट भविष्य में पाकिस्तान के अधिक आक्रामक या प्रभावी प्रयास की सम्भावना को बचा रखा है।"
विदेश विभाग और पेंटागन के अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन ने रिपोर्ट में शामिल की गई अवधि के अंत के बाद के सात सप्ताहों के दौरान अफगानिस्तान में अधिक पैठ बनाई है।
अधिकारियों ने पेंटागन में संवाददाताओं को बताया कि सैनिकों ने कंधार और उसके आसपास के इलाकों में तालिबान के गढ़ में अभियान तेज कर दिया और प्रमुख इलाकों को आतंकियों से खाली कराया।
रिपोर्ट के अनुसार आतंकी समूह अभी भी पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर हिस्से के पहाड़ी इलाकों पर अपनी पकड़ बनाए हुए हैं और इसका इस्तेमाल वे अफगानिस्तान में हमले करने के लिए करते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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