बिहार चुनाव : 'प्रधानमंत्री की दौड़ में नहीं, बिहार के लिए करूंगा काम' (लीड-2)

स्वयं को प्रधानमंत्री की दौड़ से बाहर करार देते हुए नीतीश ने कहा, "यह बिहार के लोगों की जीत है। इसे मैं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की जीत के रूप में नहीं देखता हूं।" उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों के समक्ष एक प्रश्न था कि वे आगे बढ़ेंगे या फिर अंधकार युग की ओर लौटेंगे। बिहार के लोगों ने आगे बढ़ने का फैसला किया है। इसलिए यह उनकी जीत है।

पटना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, "जनता ने मुझे बिहार के काम के लायक समझा है। इस बार जबर्दस्त जनादेश दिया है। मैं इस बार बाएं-दाएं झांकने वाला नहीं हूं। उकसावे में आने वाला भी नहीं हूं। अपनी शक्ति का उपयोग राज्य के विकास के लिए करूंगा।"

नीतीश ने कहा, "इस मौके पर मैं प्रदेश की जनता को एक ही वचन देना चाहूंगा और वह यह है कि जिस प्रकार हमने पिछले पांच सालों में मेहनत की, आने वाले दिनों में हम उससे भी ज्यादा मेहनत करेंगे। मेहनत से पीछे नहीं हटेंगे। बीच-बीच में प्रकृति भी इम्तहान लेती रहती है लेकिन हम इससे विचलित नहीं होंगे।"

राज्य में जात-पात की राजनीति के पीछे छूटने की बात करते हुए उन्होंने कहा, "चुनाव में विकास जीत गया है। स्पष्ट है कि बिहार की जनता बिहार को तरक्की के रास्ते पर देखना चाहती है। लोगों ने मतदान में जो उत्साह दिखाया, युवाओं और खासकर महिलाओं ने जिस प्रकार आगे बढ़कर मतदान में हिस्सा लिया, इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।"

उन्होंने कहा कि इस चुनाव से एक सवाल का जवाब मिल गया है कि विकास से सचमुच वोट मिलता है कि नहीं। इस चुनाव के परिणाम बिहार के बाहर की राजनीति को भी प्रभावित करेंगे।

उन्होंने पिछले दिनों की मीडिया की आलोचना करने को लेकर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद पर निशाना साधते हुए कहा कि मीडिया की अपनी भूमिका है। हर किसी को अपना काम करना चाहिए। मीडिया की अनावश्यक आलोचना से बचना चाहिए।

उन्होंने बिहार की बदली फिजा पर लोगों को विश्वास करने की अपील करते हुए निर्वाचन आयोग से भी इस सच्चाई को स्वीकार करने की गुजारिश की। उन्होंने कहा कि बिहार पर विश्वास करने की जरूरत है और कम समय में भी शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान हो सकता है। उन्होंने राज्य को अलग चश्में से देखने वालों से भी आत्मचिंतन करने को कहा।

नीतीश ने अपने दूसरे कार्यकाल में भी 'सुशासन' पर जोर देने की बात करते हुए कहा कि वह जल्दी ही प्रधानमंत्री से मिलकर प्रदेश के विकास से जुड़े लम्बित मुद्दों पर बातचीत करेंगे। उन्होंने 2015 तक राज्य को विकसित प्रदेश बनाने का संकल्प भी दोहराया।

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बधाई पर धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी ना काहू से दोस्ती है और ना काहू से बैर।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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