कश्मीर में अलगाववादियों के बंद का आंशिक असर
हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी की ओर से बंद का आह्वान किया गया था। वह बीते जून से भारत सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत बंद का आह्वान करते आ रहे हैं। बंद और प्रदर्शनों की वजह से ही घाटी में कई बार हिंसक झड़पें हुईं जिनमें करीब 110 लोग मारे गए।
श्रीनगर के मुख्य बाजार बुधवार को खुले रहे। अनंतनाग, कुपवाड़ा, बड़गाम, पुलवामा और सोपोर जैसे बड़े कस्बों में भी अमूमन यही स्थिति रही। घाटी में शैक्षणिक संस्थानों, बैंकों, डाकघरों और परिवहन सेवाओं पर इस बंद का कोई असर नहीं रहा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications