पार्टी अध्यक्ष से मिलने की प्रतीक्षा में येदियुरप्पा (लीड-1)
अपनी दिल्ली यात्रा के दूसरे दिन येदियुरप्पा ने पार्टी के वरिष्ठ नेता एम. वेंकैया नायडू से मुलाकात करने के बाद कहा कि वह पार्टी के फैसले का स्वागत करेंगे।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, "मैंने पार्टी को खड़ा करने में कठिन परिश्रम किया है। पार्टी के फैसले को न मानने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।"
नायडू ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के शासन में हुए भूमि आवंटन के दस्तावेजों को पार्टी को सौंपा है। इन दस्तावेजों का अध्ययन पार्टी कर रही है। उन्होंने कहा, "हमारे फैसले को येदियुरप्पा मानेंगे।"
येदियुरप्पा के पद पर बने रहने या उन्हें पद छोड़ने के अंतिम निर्णय का अधिकार पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने गडकरी पर छोड़ दिया है।
ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री ने वर्ष 1995 से हुए भूमि आवंटन घोटालों की जांच कराने का आदेश दिया है, लेकिन जेडी (एस) मुख्यमंत्री पर भूमि आवंटन के घोटाले का आरोप लगा रही है। बेगलुरू में उसने कहा कि वह जांच का बहिष्कार करेगी।
जेडी (एस) के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा के पुत्र एच.डी. रेवन्ना ने पत्रकारों को बताया, "जांच से सच्चाई सामने नहीं आएगी। पार्टी इसका बहिष्कार करेगी।"
उल्लेखनीय है कि येदियुरप्पा ने सोमवार को घोषणा की कि कर्नाटक उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बी. पदमराज बेंगलुरू विकास प्राधिकरण द्वारा वर्ष 1995 से अब तक किए गए रिहायशी प्लॉटों के आवंटन की जांच करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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