शिवराज के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का हंगामा (लीड-1)
विधानसभा सत्र के दूसरे दिन प्रश्न काल खत्म होते ही शून्य काल में कांग्रेस सदस्यों ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग करते हुए अध्यक्ष ईश्वर दास रोहाणी की आसंदी के समीप जमकर नारेबाजी की। इस हंगामे के चलते रोहाणी ने विधानसभा की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
दोबारा कार्यवाही शुरू होते ही कार्यवाहक नेता प्रतिपक्ष चौधरी राकेश सिंह ने भ्रष्टाचार पर चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री चौहान सहित कई मंत्रियों के खिलाफ लोकायुक्त में मामले चल रहे हैं और वे अपने पद का दुरुपयोग कर जांच को प्रभावित कर रहे हैं।
इस पर उद्योगमंत्री कैलाश विजयवर्गीय व संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया, जिस पर दोनों पक्षों में नोंक-झोंक हुई। उसके बाद कांग्रेस सदस्यों ने फिर से अध्यक्ष की आसंदी के समीप पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी।
विधानसभा अध्यक्ष रोहाणी ने कांग्रेसी सदस्यों से सदन की कार्यवाही में व्यवधान न डालने का बार-बार आग्रह किया लेकिन इसके बावजूद जब कांग्रेस सदस्य नहीं मानें तो उन्होंने सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी। सदन के बाहर कांग्रेस व भाजपा के विधायकों ने भी एक दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की ।
नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि महाराष्ट्र में मात्र आरोप लगने पर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद से अशोक चव्हाण को हटा दिया। भाजपा को भी इसका अनुसरण करना चाहिए। जबकि यहां के मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों के खिलाफ लोकायुक्त में मामले दर्ज है।
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री चौहान ने इस हंगामे को कांग्रेस की मजबूरी करार दिया है। उन्होंने संसद में चल रहे हंगामे की ओर इशारा करते हुए कहा, "वहां कुछ हो रहा है इसलिए यहां कुछ तो करना है। वहीं नेता प्रतिपक्ष को लेकर भी कांग्रेस में होड़ मची हुई है, लिहाजा वे अपने नंबर बढ़ाने के लिए शिवराज पर हमला कर रहे हैं। कांग्रेस के पास चर्चा के लिए कोई विषय नहीं है लिहाजा वे हंगामा कर रहे है।"
संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मंगलवार को सूखे जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा होनी थी मगर विपक्ष ने इस गंभीर विषय की बजाय अपने स्वार्थो की पूर्ति के लिए हंगामा किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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