कानकुन में प्रमुख भूमिका निभा सकता है भारत : अमेरिका
वाशिंगटन, 23 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिका ने कहा है कि अगले सप्ताह मेक्सिको के कानकुन में जलवायु परिवर्तन पर होने जा रही बातचीत में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
जलवायु परिवर्तन पर अमेरिका के विशेष दूत टोड स्टर्न ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया, "भारत ने पिछले वर्ष कोपेनहेगन में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, और मैं समझता हूं कि इस वर्ष भी भारत की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका होगी।"
कानकुन में भारत की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर स्टर्न ने कहा, "जाहिर है, विकासशील देशों की ओर से यह एक महत्वपूर्ण आवाज है। लेकिन मैं समझता हूं कि यदि आप चाहेंगे तो भारत विश्वसनीयता व स्पष्टता के साथ दोनों पक्षों की ओर से बोलने की क्षमता रखता है।"
स्टर्न ने कहा, "और मैं समझता हूं कि भारत ने सैद्धांतिक प्रतिबद्धता के साथ ही एक नए तरीके से सोचने की चाह प्रदर्शित की है और व्यावहारिक बनने की भी। और मैं सोचता हूं कि यह बहुत महत्वपूर्ण है।"
स्टर्न ने कहा कि चीन, भारत, ब्राजील, और दक्षिण अफ्रीका ने पिछले वर्ष यदि बीएएसआईसी जैसा समूह बनाया है तो उससे अमेरिका को कोई समस्या नहीं है। यह समूह तीन महीने पर आपस में बैठक मिलता है।
स्टर्न ने कहा, "मैं उसे एक गुट के रूप में नहीं मानता। लेकिन मैं समझता हूं कि यह कुछ अति महत्वपूर्ण विकासशील देशों का एक समूह है, और वे स्पष्ट रूप से विचारों और दृष्टिकोणों का आदान-प्रदान करते हैं, और मैं समझता हूं कि यह ठीक है।'
स्टर्न ने कहा कि वाशिंगटन की दृष्टि में अमेरिका, यूरोपीय संघ, आस्ट्रेलिया, जापान और अन्य विकसित देशों से शमन प्रतिबद्धताओं की कानूनी बाध्यता की मांग करने वाली कोई भी संधि चीन, भारत, और अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं से भी ऐसी ही कानूनी बाध्यता चाहेगी।
स्टर्न ने कहा, "और हम नहीं समझते कि यह इतने जल्द होने वाला है।" उन्होंने सुझाव दिया कि "किसी कानूनी संधि पर जोर देने के बदले हमें ठोस परिचालन निर्णय के व्यावहारिक रास्ते को चुनना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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