आठ बहनों के इकलौते भाई थे शहीद निकुल तोमर
मुजफ्फरनगर के गांव मिखयाली का निकुल तोमर देश की रक्षा करते हुये जम्मू एवं कश्मीर के नौशारा क्षेत्र में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। शहीद निकुल तोमर थल सेना की ईएमआई रेजीमेंट में तैनात थे। निकुल तोमर की शहादत की सूचना से पूरे गाँव में शोक छा गया।
22 वर्ष के निकुल तोमर तीन वर्ष पहले थल सेना में ईएमआई रेजिमेंट में सैनिक के पद पर भर्ती हुए थे। अपने अचूक निशाने व बहादुरी के कारण वह सदा आतंकवादियों से लोहा लेने में आगे रहते थे। लेकिन रविवार की रात रात जम्मू कश्मीर के नौशारा क्षेत्र में घात लगाए बैठे आतंकवादियों के साथ हुए मुकाबले में निकुल तोमर देश के काम आ गए।
निकुल तोमर के पिता बरिहम सिंह का कहना है की उन्हें अपने बेटे की शहादत का इसलिए दुख है क्योंकि वह आठ बहनों का इकलौते भाई थे। इस बात की ख़ुशी भी है की उनका एकलौता बेटा देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गया। निकुल के चाचा महेंद्र सिंह का कहना है की निकुल की शहादत की खबर मिलते ही पूरा गांव शोक में डूब गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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