दक्षिण कोरियाई द्वीप पर उत्तर कोरिया की गोलीबारी, 2 की मौत (लीड-1)
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार योनप्योंग द्वीप पर स्थित मकानों और यहां के जंगलों में आग लग जाने के कारण पूरा द्वीप धूएं से घिर गया था। बताया गया है कि यहां निवास करने वाले 1,600 नागरिकों को हटा दिया गया है, और कुछ नागरिक मछुआरों की नाव में बैठकर भाग गए।
इंचियोन शहर के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी योनहैप को बताया कि द्वीप के निवासी कम से कम चार नागरिक घायल हो गए, क्योंकि द्वीप पर कम से कम 50 गोले आ गिरे थे।
दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय और जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने सियोल में कहा कि उत्तर कोरिया ने लगभग 100 गोले दागे और दक्षिण कोरिया ने जवाब में उत्तर कोरिया के तटीय ठिकानों को निशाना बनाते हुए 80 गोले दागे। इसके साथ ही द्वीप पर लड़ाकू विमानों को तैनात कर दिया गया है। दक्षिण कोरियाई सेना को सर्वोच्च स्तर पर सतर्क कर दिया गया है।
योनप्योंग द्वीप पर मकानों से आग की लपटें उठ रही हैं। यह द्वीप उत्तर कोरियाई तट से 12 किलोमीटर की दूरी पर है।
इस द्वीप पर लगभग 1,000 दक्षिण कोरियाई सैनिक तैनात हैं। यह द्वीप अपनी अवस्थिति और मछली पकड़ने का अच्छा केंद्र होने के कारण दोनों देशों के बीच तनाव का केंद्र बना हुआ है।
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली म्यूंग बक ने गोलाबारी का जवाब देने के तरीके पर चर्चा करने के लिए एक भूमिगत बंकर में सुरक्षा सम्बंधी मंत्रियों के साथ एक आपात बैठक बुलाई। राष्ट्रपति कार्यालय के एक अधिकारी ने इस हमले को एक स्पष्ट सैन्य उकसावा करार दिया है और उत्तर कोरिया को चेतावनी दी है कि यदि उसने और हमले किए तो उसे मुहतोड़ जबाब का सामना करना पड़ेगा।
राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से कहा गया है कि सियोल इस बात का परीक्षण कर रहा है कि कहीं उत्तर कोरिया ने पश्चिमी तट पर चल रहे दक्षिण कोरियाई सैन्य अभ्यास के जवाब में तो गोलाबारी नहीं की है, जिसमें लगभग 70,000 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि प्योंगयांग ने मंगलवार को ही हमले से पहले सियोल भेजे एक संदेश में इस वार्षिक सैन्य अभ्यास का विरोध किया था।
इस बीच द्वीप के नागरिकों ने द्वीप पर अफरातफरी की स्थिति बताई है। हमले के बाद द्वीप पर बिजली गुल है।
किम नामक एक 35 वर्षीय व्यक्ति ने समाचार एजेंसी योनहैप को बताया, "मैं अपने घर में था तभी बम विस्फोट की आवाज सुन कर चकित रह गया। जैसे ही मैं अपने घर से बाहर निकला, देखा पूरा गांव आग की लपटों में घिर चुका था।"
किम ने कहा, "मैं फिलहाल अन्य ग्रामीणों के साथ एक आश्रय में रुका हूं, लेकिन मैं अभी भी भय से कांप रहा हूं।"
एकीकरण मंत्रालय के एक अधिकारी ने दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी, 'योनहैप' को बताया कि दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया से अपने नागरिकों को बुलाने पर विचार कर रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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