कश्मीरी आतंकियों के लिए पुनर्वास नीति पर कांग्रेस को आपत्ति
खबर है कि कैबिनेट की बैठक समाप्त होने के तत्काल बाद वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने इस पुनर्वास नीति के परिणामों पर गहन चर्चा की। यह नीति पाक अधिकृत कश्मीर से लगभग 3,000 कश्मीरी युवकों की वापसी और उन्हें सुविधाएं मुहैया कराने पर केंद्रित है।
कांग्रेस के एक मंत्री ने आईएएनएस को बताया, "हमने इस नीति को फिर से तैयार करने और इस पर निर्णय टालने की कोशिश की थी और हम मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को इस बात के लिए राजी करने में सफल हुए थे कि जम्मू में होने वाली कैबिनेट की बैठक तक इसे टाल दिया जाए।" मंत्री ने कहा कि इस नीति को पहले श्रीनगर में अक्टूबर में हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के लिए पेश किया जाना था, लेकिन कांग्रेस के आग्रह पर उसे स्थगित कर दिया गया था।
पार्टी सूत्रों के अनुसार सोमवार को कैबिनेट की बैठक से तीन कांग्रेसी मंत्री अनुपस्थित थे।
कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस मंत्रियों की आपत्ति के बारे में नई दिल्ली में पार्टी नेतृत्व को जानकारी है। कांग्रेस मंत्री यहां नीति का विरोध इसलिए नहीं कर सके, क्योंकि उन्हें ऐसा करने के लिए कोई निर्देश नहीं मिला था।
कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज मुख्यमंत्री के तौर-तरीकों की आलोचना करते रहे हैं और आधिकारिक रूप से नेशनल कांफ्रेंस के कई निर्णयों की उन्होंने अलोचना की है।
सूत्रों ने कहा कि सोज इस मुद्दे पर पार्टी हाईकमान से बातचीत करेंगे, और हाईकमान को बताएंगे कि पुनर्वास नीति जम्मू क्षेत्र में पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित होगी, क्योंकि जम्मू में आतंक विरोधी कई सारी संस्थाएं हैं। कांग्रेस का जम्मू में अच्छा आधार है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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