उत्तर कोरिया की गोलीबारी में दक्षिण कोरियाई सैनिक की मौत
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार योनप्योंग द्वीप धूएं से घिर गया था, और वहां के निवासी मछुआरों की नाव में बैठकर भाग रहे थे। टेलीविजन की खबरों में कहा गया है कि इस गोलाबारी में नागरिक भी घायल हुए हैं।
दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय और जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने सियोल में कहा कि दक्षिण कोरिया ने भी जवाबी कार्रवाई की है और उत्तर कोरिया के तटीय ठिकानों को निशाना बनाया हैे, साथ ही द्वीप पर लड़ाकू विमानों को तैनात कर दिया गया है।
योनप्योंग द्वीप पर मकानों से आग की लपटें उठ रही हैं। यह द्वीप उत्तर कोरियाई तट से 12 किलोमीटर की दूरी पर है।
इस द्वीप पर लगभग 1,000 दक्षिण कोरियाई सैनिक तैनात हैं। यह द्वीप अपनी अवस्थिति और मछली पकड़ने का अच्छा केंद्र होने के कारण दोनों देशों के बीच तनाव का केंद्र बना हुआ है।
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली म्यंग बाक ने गोलाबारी का जवाब देने के तरीके पर चर्चा करने के लिए एक भूमिगत बंकर में सुरक्षा सम्बंधी मंत्रियों के साथ एक आपात बैठक बुलाई। राष्ट्रपति कार्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि म्यंग-बाक ने किसी उकसावे को रोकने के लिए कदम उठाने हेतु मंत्रियों से आग्रह किया है।
एकीकरण मंत्रालय के एक अधिकारी ने दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी, 'योनहैप' को बताया कि दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया से अपने नागरिकों को बुलाने पर विचार कर रहा है।
योनहैप ने दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के प्रवक्ता कर्नल ली बंग वू के हवाले से कहा है कि उत्तर कोरिया ने दर्जनों चक्र गोलाबारी की, जिसमें से कुछ गोले योनप्योंग पर आ गिरे, और जवाब में दक्षिण कोरिया ने भी 80 चक्र गोलाबारी की। प्रवक्ता ने बताया कि दक्षिण कोरियाई सेना को सर्वोच्च स्तर पर सतर्क कर दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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