जगन और कांग्रेस के बीच टकराव

उमर फ़ारूक़
बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद
जगन मोहन ने पूरे राज्य में दिलासा यात्रा की है और उन्हें भारी समर्थन मिला है.
आंध्र प्रदेश में कांग्रेस के बागी सांसद वाई एस जगनमोहन रेड्डी और पार्टी के नेतृत्व के बीच टकराव ने एक गंभीर रूप ले लिया है.
प्रदेश कांग्रेस के नेताओं की तरफ़ से से पार्टी आला कमान पर इस बात के लिए दबाव बढ़ता जा रहा है कि वो जगनमोहन रेड्डी के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई करे.
यह नया बवाल उस समय उठा है जब जगन के टेलीविज़न चैनल साक्षी ने लगातार एक ऐसे कार्यक्रम का प्रसारण किया जिस में सीधे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को निशाना बनाया गया.
कार्यक्रम में सोनिया के नेतृत्व को असफल बताते हुए कहा गया कि इसके कारण कांग्रेस पार्टी ख़त्म हो रही है और उसकी सत्ता का अंत हो रहा है.
रिपोर्ट में यूपीए सरकार को घोटालों की जानकारी देते हुए विशेष कर 2 जी घोटाले का उल्लेख किया गया.
साक्षी टीवी द्वारा जगन ने सोनिया गाँधी पर यह हमला एक ऐसे समय किया है जब उनकी "दिलासा यात्रा" को लेकर पहले ही से पार्टी नेतृत्व उनसे बहुत नाराज़ है.
इस रिपोर्ट के प्रसारण ने पार्टी के अन्दर क्रोध की लहर दौड़ा दी है. मुख्यमंत्री के रोसैय्या और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डी श्रीनिवास ने इस रिपोर्ट की निंदा की है.
कई मंत्रियों ने साक्षी के कार्यालय पर हुए प्रदर्शन में भाग लिया. उनमें ऐसे मंत्री भी थे जो इससे पहले जगनमोहन रेड्डी को मुख्यमंत्री बनवाने के अभियान में आगे आगे थे. अब ये मंत्री उन के खिलाफ करवाई की मांग कर रहे हैं.
कांग्रेस आला कमान ने इस मामले का गंभीरता से लिया है और इस पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है.
प्रदेश कांग्रेस और मुख्यमंत्री ने दो अलग अलग रिपोर्टें दिल्ली भिजवाई हैं. स्वयं मुख्यमंत्री इस बारे में बातचीत के लिए मंगलवार को दिल्ली में होंगे.
आंध्र प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी वीरप्पा मोइली ने इसे एक गंभीर मामला बताया है लेकिन वो यह सवाल टाल गए कि जगन के विरुद्ध क्या करवाई की जाएगी.
प्रश्न यह है कि आखिर जगन ने इस तरह की हरकत की ही क्यों?
प्रेक्षकों का कहना है कि वो काफी समय से कांग्रेस आला कमान को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं और चाहते हैं कि पार्टी उनके विरुद्ध करवाई करे और उन्हें पार्टी से निकाल दे ताकि वो अपने समर्थकों को लेकर एक क्षेत्रीय पार्टी बना लें और वाई एस आर के समर्थकों से सहानुभूति प्राप्त कर सकें.
इस बात से उन का हौसला और भी बढ़ गया है कि उनकी यात्रा में हर जगह हजारों लाखों लोगों की भीड़ जमी. लेकिन इसी बीच खुद पार्टी के अन्दर उन की हालत काफी कमज़ोर पड़ गई है और उन के कई समर्थकों को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है जिनमें प्रदेश कांग्रेस के सचिव अम्बाती रामबाबू और नेल्लोर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष भी शामिल हैं.
प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के दबाव के बावजूद इस बात की सम्भावना कम ही है कि आला कमान जगन के विरुद्ध कोई कड़ी करवाई करेगा. ज़्यादा से ज़्यादा उनको कारण बताओ नोटिस दिया जा सकता है क्योंकि आला कम नहीं चाहती कि जगन को पार्टी से निकाल कर उन्हें शहीद बनने का मौक़ा दिया जाये. बल्कि वो चाहती है कि जगन खुद ही अलग थलग और कमज़ोर पड़ जाएँ.


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