2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच मार्च 2011 तक पूरी होगी : सीबीआई
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि दूसरी पीढ़ी के 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में हुए घोटाले की जांच पूरी कर अगले वर्ष मार्च तक आरोप पत्र दाखिल कर दिया जाएगा। सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जी. एस. सिंघवी और ए.के. गांगुली की पीठ को बताया कि इस मामले में टेलीफोन से हुई बातचीत के 5,800 पेज के दस्तावेज प्राप्त किए गए हैं जिनमें से 3,500 पृष्ठों का अध्ययन किया जा चुका है। इसके अलावा 80,000 पृष्ठों की 6,000 फाइलें प्राप्त की गई हैं।
सीबीआई के वरिष्ठ वकील के. के. वेणुगोपाल ने न्यायालय से कहा कि सीबीआई अपनी जांच दो महीने में पूरी कर लेगी और आरोप पत्र दाखिल करने में एक महीना और लगेगा। वेणुगोपाल ने अदालत से कहा कि प्राथमिकता के आधार पर मामले की सुनवाई करने से पहले, अदालत को इस मुद्दे पर विचार करना चाहिए कि क्या अदालत को जांच की निगरानी करनी चाहिए या नहीं।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में अदालत के कई फैसले आए हैं। कुछ फैसलों में कहा गया है कि अदालत को जांच की प्रक्रिया की निगरानी नहीं करनी चाहिए और कुछ में कहा गया है कि ऐसा किया जाना चाहिए। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा यह आश्चर्यजनक है कि सीबीआई को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले पर प्राथमिकी दर्ज करने में एक साल लग गया।
भूषण ने कहा कि पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में दूरसंचार मंत्री ए. राजा पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत कार्रवाई की मंजूरी देने की मांग की थी। उन्होंने जो दस्तावेज उपलब्ध कराए थे वह विस्तृत नहीं थे लेकिन पर्याप्त थे। उन्होंने कहा कि इन दस्तावेजों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जा सकती थी लेकिन सीबीआई को ऐसा करने में एक साल लग गया। भूषण ने कहा कि सीबीआई जांच में लगातार देरी कर रही है इसलिए मामले की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर होनी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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