येदियुरप्पा पार्टी नेतृत्व से चर्चा के लिए दिल्ली पहुंचे (लीड-1)
पद पर बने रहने के फैसले को लेकर येदियुरप्पा भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से मुलाकात कर सकते हैं। इस मामले पर फैसले के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने गडकरी को अधिकृत किया है।
येदियुरप्पा के समर्थक नेताओं ने सोमवार को गडकरी, वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली और एम. वेंकैया नायडू से मुलाकात करके येदियुरप्पा को पद से हटाए जाने के फैसले का विरोध किया था। दिसम्बर में कर्नाटक में जिला स्तरीय चुनाव होने हैं।
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से मुलाकात कर चुके राज्य के दो मंत्रियों, आर.अशोक और वी.एस.आचार्य ने नई दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि मंगलवार तक इस मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा।
आचार्य को येदियुरप्पा का विश्वासपात्र माना जाता है। उन्होंने कहा कि येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
नई दिल्ली में राज्य सरकार के विशेष प्रतिनिधि और येदियुरप्पा के एक दूसरे विश्वासपात्र वी.धनंजय कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि यह बात बिल्कुल निराधार है कि मुख्यमंत्री को सोमवार सुबह 11 बजे तक इस्तीफा देने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि अभी तक इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
अशोक ने हालांकि कुछ स्पष्ट नहीं किया, लेकिन उन्होंने कहा, "हमने गडकरी को पूरा विवरण दे दिया है। हमारे नेता येदियुरप्पा से एक बार फिर बातचीत करेंगे और मामला मंगलवार तक साफ हो जाएगा।" अशोक का नाम भी येदियुरप्पा के सम्भावित उत्तराधिकारी के रूप में चर्चा में है।
वहीं बेंगलुरू में लिंगायत समुदाय के तीन मठों के प्रमुख येदियुरप्पा के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। येदियुरप्पा इसी समुदाय के हैं।
उन्होंने अपने संयुक्त बयान में कहा कि येदियुरप्पा को हटाना लिंगायत समुदाय के खिलाफ उठाया कदम होगा और भाजपा को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।
तटीय कर्नाटक के उडुपी में पेजवार मठ के प्रमुख विश्वेशतीर्थ स्वामी ने कन्नड टीवी चैनल से कहा कि हम दोष साबित हुए बिना येदियुरप्पा को हटाए जाने के खिलाफ हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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