मतदान बाद सभी दलों के अपने-अपने दावे
इधर, निजी समाचार चैनलों द्वारा दिखाए जाने वाले एग्जिट पोल तथा राजनीतिक विश्लेषकों की राय से इतना तो स्पष्ट हो गया है कि इस चुनाव में मुख्य मुकाबला जनता दल (युनाइटेड)-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन और राष्ट्रीय जनता दल (राजद)- लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) गठबंधन के बीच है।
हालांकि इस एग्जिट पोल पर राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने प्रश्न खड़ा कर दिया है। उनका दावा है कि राजद और लोजपा गठबंधन दो-तिहाई बहुमत हासिल करेगा।
गौरतलब है कि सभी समाचार चैनलों ने एग्जिट पोल में जद (यु) और भाजपा गठबंधन को बहुमत से काफी आगे दिखाया है। जद (यु) के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने कहा है कि लालू प्रसाद की यह आदत है, वह वोटों की गिनती के बाद ही हार मानेंगे।
जद (यु) के एक वरिष्ठ नेता का दावा है कि भाजपा-जद (यु) गठबंधन को किसी स्थिति में 150 से कम सीटें नहीं मिलेंगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सी़ पी़ ठाकुर का भी कुछ ऐसा ही कहना है। उन्होंने कहा कि उनका अनुमान है कि इस गठबंधन को 170 सीटें मिलेंगी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रदेश प्रवक्ता अनिल किशोर झा का मानना है कि इस चुनाव में मतों का विभाजन हुआ है। इस परिवर्तन में किसी एक दल या गठबंधन को बहुमत मिलने के आसार नहीं हैं। ऐसे में सरकार छोटी-छोटी पार्टियों के सहयोग के बिना नहीं बन सकती।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव बद्री नारायण लाल के भी हौसले बुलंद हैं। उनका कहना है कि राज्य के चुनावी खेल की तस्वीर साफ नहीं है, लेकिन वामदल गठबंधन एक मजबूत विपक्ष के रूप में जरूर उभरेगा।
कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमचंद्र मिश्रा का कहना है कि कांग्रेस को अगर बहुमत नहीं मिला तो वह विपक्ष में बैठेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस किसी दल या गठबंधन को समर्थन नहीं देगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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