अंतत: नवी मुम्बई हवाई अड्डे को हरी झंडी मिली (लीड-1)
पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने यहां नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "नवी मुम्बई हवाईअड्डे को औपचारिक रूप से पर्यावरण सम्बंधी मंजूरी दे दी गई। हवाईअड्डे के निर्माण की प्रक्रिया आज से शुरू की जा सकती है।"
पर्यावरण मंत्रालय और उड्डयन मंत्रालय के बीच हवाईअड्डे को पर्यावरण सम्बंधी मंजूरी देने के सवाल पर टकराव की स्थिति बनी हुई थी।
रमेश के अनुसार पर्यावरण मंत्रालय, महाराष्ट्र नगर एवं औद्योगिक विकास निगम (सिडको) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है।
रमेश ने कहा, "पिछले दो महीनों में महाराष्ट्र सरकार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और पर्यावरण मंत्रालय के बीच कई बार बातचीत हुई है। हमने तोल-मोल किया, हमने बातचीत की और अपने रुख से समझौता किया।"
रमेश ने कहा, "हमने इसलिए समझौता किया, क्योंकि यह अपरिहार्य हो गया था। मुझे भरोसा है कि ऊर्जा समृद्ध अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे का यह परिणाम पर्यावरण के लिहाज से सुरक्षित और पारिस्थितिकी के लिहाज से स्वस्थ है।"
पर्यावरण मंत्रालय को धन्यवाद देते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री पटेल ने कहा, "यह न केवल मुम्बई के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है, बल्कि महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था, देश की अर्थव्यवस्था और देश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।"
पटेल ने कहा, "आज हवाई अड्डा परियोजना क्षेत्र में 161 एकड़ मैनग्रोव है। हवाई अड्डे के पूरा हो जाने के बाद उसके आसपास 678 एकड़ मैनग्रोव क्षेत्र होगा। इस तरह नवी मुम्बई में मैनग्रोव का क्षेत्रफल चार गुना अधिक हो जाएगा।"
रमेश ने कहा कि जहां तक दो नदियों का मार्ग परिवर्तित करने का सवाल है, गाधी नदी का मार्ग नहीं बदला जाएगा, बल्कि अल्वा नदी का मार्ग परिवर्तित कर दिया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications